PGI के प्रो. सोनू गोयल को कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन की प्रतिष्ठित फेलोशिप, 56 देशों के 18 विशेषज्ञों में हुए शामिल
भारत के पहले टोबैको कंट्रोल रिसोर्स सेंटर का कर रहे नेतृत्व
Chandigarh News : पीजीआईएमईआर (PGIMER) के कम्युनिटी मेडिसिन एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ विभाग के प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल को कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन (Commonwealth Medical Association-CMA) की प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान 11 जुलाई को कन्याकुमारी में आयोजित CMA BIOETHICON 2026 ग्लोबल समिट के दौरान प्रदान किया गया।
कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन की फेलोशिप संस्था का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह चिकित्सा, जनस्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, नेतृत्व और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को दिया जाता है। इस वर्ष 56 कॉमनवेल्थ देशों से केवल 18 चिकित्सा विशेषज्ञों का चयन इस सम्मान के लिए किया गया।
जनस्वास्थ्य और तंबाकू नियंत्रण में अहम योगदान
प्रो. सोनू गोयल को स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण, नेतृत्व विकास और तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए यह सम्मान मिला है। वह पीजीआईएमईआर में विदेश मंत्रालय के सहयोग से संचालित इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (IPHMDP) के निदेशक हैं। इस कार्यक्रम के तहत अब तक एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरेबियन और प्रशांत क्षेत्र सहित 97 देशों के 1,750 से अधिक स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
भारत के पहले टोबैको कंट्रोल रिसोर्स सेंटर का कर रहे नेतृत्व
प्रो. गोयल पीजीआईएमईआर में भारत के पहले रिसोर्स सेंटर फॉर टोबैको कंट्रोल (RCTC) का नेतृत्व भी कर रहे हैं। इस केंद्र को तंबाकू नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के क्षेत्रीय निदेशक विशेष सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तंबाकू नियंत्रण नीति, शोध और क्षमता निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है।
समाज सेवा के लिए प्रेरित करेगा सम्मान
सम्मान समारोह में कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन, एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एजुकेशन इन इंडिया (AMEI), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रो. सोनू गोयल ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है और इससे उन्हें समाज व जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

