Nurses Week 2026 : नर्सें स्वास्थ्य सेवा की रीढ़, उनके बिना अच्छी चिकित्सा की कल्पना बेमानी : डा. अशोक कुमार
पीजीआई चंडीगढ़ में भविष्य के 'नर्स लीडर्स' को तैयार करने पर हुआ मंथन, सिम्पोजियम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
Nurses Week 2026 : मरीजों की जान बचाने वाली नर्सें ही असल में स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं और उनके बिना किसी भी अच्छी चिकित्सा प्रणाली की कल्पना करना बेमानी है। यह बात शनिवार को चंडीगढ़ स्थित पीजीआई के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग एजुकेशन (नाइन) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर अशोक कुमार ने कही। कार्यक्रम का आयोजन स्टूडेंट नर्सेज एसोसिएशन आफ इंडिया और ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन आफ इंडिया चंडीगढ़ शाखा के तत्वावधान में किया गया। इस दौरान भविष्य के 'नर्स लीडर्स' को तैयार करने के विषय पर एक विस्तृत सिम्पोजियम भी हुआ।
पीजीआई के पास हैं देश की सर्वश्रेष्ठ नर्सें
मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे प्रोफेसर अशोक कुमार ने कहा कि नर्सें केवल हमारा भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। वे स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने दावा किया कि पीजीआई के पास देश की सर्वश्रेष्ठ नर्सें हैं। इस अवसर पर गेस्ट आफ आनर के रूप में मौजूद टीएनएआई उत्तर क्षेत्र की अध्यक्ष ज्योति वालिया ने सदस्यों को संगठन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले नाइन की प्रिंसिपल डा. सुखपाल कौर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए नर्सिंग पेशे में ग्रूमिंग के महत्व को समझाया।
नर्सों को सशक्त बनाएं, जीवन बचाएं
टीएनएआई चंडीगढ़ की सचिव डा. सुनीता शर्मा ने इस वर्ष की थीम 'हमारी नर्सें। हमारा भविष्य: नर्सों को सशक्त बनाएं, जीवन बचाएं' पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि चिकित्सा प्रणाली में नर्सों का सम्मान और सुरक्षा सबसे अहम है। सिम्पोजियम में ट्राई सिटी के प्रमुख संस्थानों पीजीआई और जीएमसीएच-32 के करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान डा. सुनीता शर्मा, श्रुति, ममता सूर्यवंशी, आरती सैनी और निशा सहित कई नर्सिंग अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए।

