PGI चंडीगढ़ में 'लेट लतीफों' पर नकेल: 9:30 बजे के बाद आए तो कटेगी छुट्टी
आज से बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य: 15 मिनट की देरी भी पड़ेगी भारी, जानें नए नियम
चंडीगढ़ स्थित पीजीआई (PGI) में अब समय की पाबंदी को लेकर 'नो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है। संस्थान में नुशासन और कार्य समय का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए आज से बायोमीट्रिक अटेंडेंस प्रणाली पूरी तरह लागू कर दी गई है। नए आदेशों के तहत, यदि कोई कर्मचारी सुबह 9:30 बजे के बाद ड्यूटी पर पहुंचता है, तो उसके खाते से सीधे आधे दिन की छुट्टी (Half Day) काट ली जाएगी।
लक्ष्मण रेखा: 15 मिनट का ग्रेस पीरियड और सख्त पेनल्टी
प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, ड्यूटी पर पहुंचने के लिए कर्मचारियों को केवल 15 मिनट का 'ग्रेस पीरियड' दिया गया है। इसका अर्थ है कि सुबह 9:00 बजे की शिफ्ट वाले कर्मचारी 9:15 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
यदि कोई कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:30 बजे के बीच बायोमीट्रिक मशीन पर थंब इम्प्रेशन लगाता है, तो उसे 'लेट' की श्रेणी में रखा जाएगा। महीने में तीन बार इस तरह की देरी होने पर कर्मचारी की एक आकस्मिक छुट्टी (CL) काट ली जाएगी। लेकिन, 9:30 बजे की समयसीमा को पार करते ही बिना किसी रियायत के सीधे आधे दिन की छुट्टी काटने का कड़ा प्रावधान किया गया है।
मरीजों को राहत: कार्य संस्कृति में सुधार की कवायद
पीजीआई प्रशासन का मानना है कि इस सख्त कदम से न केवल संस्थान की कार्य संस्कृति सुधरेगी, बल्कि दूरदराज से आने वाले मरीजों को भी समय पर इलाज मिल सकेगा। अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि स्टाफ के समय पर न बैठने से ओपीडी और अन्य जांच केंद्रों पर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता था।
प्रशासन ने परिसर के विभिन्न ब्लॉकों, ओपीडी और प्रशासनिक विभागों में पर्याप्त संख्या में बायोमीट्रिक मशीनें स्थापित की हैं, ताकि हाजिरी के वक्त कर्मचारियों की भीड़ जमा न हो और मरीजों की चिकित्सा सेवाओं में कोई व्यवधान न आए।

