PGGC-11 Chandigarh : ‘माय भारत बजट क्विज 2026’ के फाइनल में पहुंचे पीजीजीसी-11 के 13 छात्र
12 लाख प्रतिभागियों की भीड़ को पीछे छोड़ चंडीगढ़ के युवाओं ने बनाई शीर्ष 3,500 में जगह, मंत्रालय के साथ किया सीधा संवाद
PGGC-11 Chandigarh : सेक्टर-11 स्थित पोस्टग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज (पीजीजीसी) के 13 एनएसएस स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन छात्रों ने 'माय भारत' और युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘माय भारत बजट क्विज 2026’ के फाइनल राउंड में जगह बनाकर संस्थान को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि कॉलेज की शैक्षणिक और सामाजिक सक्रियता की उत्कृष्टता को दर्शाती है।
देशभर के 12 लाख प्रतिभागियों के बीच बनाई जगह
इस प्रतियोगिता का स्तर कितना चुनौतीपूर्ण था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देशभर से 12 लाख से अधिक छात्रों ने प्रारंभिक दौर में हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद 50,000 छात्र निबंध लेखन चरण तक पहुंचे। अंततः केवल 3,500 छात्रों को ही प्रतिष्ठित फाइनल चरण और मंत्रालय के साथ वर्चुअल इंटरैक्शन के लिए चुना गया, जिनमें पीजीजीसी-11 के 13 छात्र शामिल रहे।
इन चयनित छात्रों में से 11 को चंडीगढ़ केंद्र आवंटित किया गया था, जबकि दो छात्रों ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में कॉलेज का प्रतिनिधित्व किया। हिसार केंद्र पर कनव खुराना और अभिनव भारद्वाज ने भाग लिया। वहीं, चंडीगढ़ (यूआईटी) केंद्र पर तुषार देओल, अनीश राखड़ा, तविश मौर्य, हंसिका भार्गव, मनीषा, विवेक और मोहित सहित अन्य स्वयंसेवकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
नारी शक्ति और युवा सहभागिता का संगम
यह आयोजन केवल प्रश्नोत्तरी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के पहले दिन महिला प्रतिभागियों के लिए ‘नारी शक्ति युवा संसद’ का आयोजन हुआ, जिसके बाद महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए एक साइकिल रैली निकाली गई।
वर्चुअल इंटरैक्शन में कॉलेज का प्रतिनिधित्व
13 अप्रैल को आयोजित मुख्य वर्चुअल इंटरैक्शन के दौरान छात्रों ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान कनव खुराना को मंच पर कॉलेज का पक्ष रखने का विशेष अवसर मिला। हालांकि, छात्रों के अनुसार इंटरैक्शन सत्र उनकी प्रारंभिक अपेक्षाओं से थोड़ा अलग रहा, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष छात्रों में शामिल होना उनके लिए एक समृद्ध और यादगार अनुभव साबित हुआ।
संस्थान के लिए गर्व का क्षण
कॉलेज की प्राचार्य प्रो. रमा अरोड़ा ने छात्रों की इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि स्वयंसेवकों के समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है। इससे न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि अन्य छात्र भी राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित होंगे।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोनिका डारा ने भी स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर कॉलेज का नाम रोशन करना एनएसएस की सेवा और जागरूकता की भावना को सार्थक करता है। इस उपलब्धि से पूरे कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल है।

