Organ Donation : मृतक डोनर के ऑर्गन से जींद की महिला को नई जिंदगी
Organ Donation : जींद की एक महिला, जो पिछले पांच वर्षों से हेमोडायलिसिस मशीन के सहारे जीवन जी रही थीं, अब सामान्य जिंदगी की ओर लौट रही हैं। 48 वर्षीय यह मरीज क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थीं और नियमित...
Organ Donation : जींद की एक महिला, जो पिछले पांच वर्षों से हेमोडायलिसिस मशीन के सहारे जीवन जी रही थीं, अब सामान्य जिंदगी की ओर लौट रही हैं। 48 वर्षीय यह मरीज क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थीं और नियमित डायलिसिस पर निर्भर थीं। फोर्टिस अस्पताल मोहाली में 76 वर्षीय मृतक डोनर के लीवर और किडनियों के सफल ट्रांसप्लांट के बाद उन्हें नई उम्मीद मिली। यह संस्थान में अब तक का 10वां कैडैवर ऑर्गन डोनेशन मामला है। सरकारी प्रोटोकॉल के तहत एक किडनी दूसरे अस्पताल के साथ शेयर की गई।
मृतक डोनर को हैमरेजिक स्ट्रोक के बाद ब्रेन डेड घोषित किया गया था। 14 दिन बाद फैमिली ने ऑर्गन डोनेशन का निर्णय लिया। ब्रेन डेथ कमेटी में डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस और फोर्टिस के डॉक्टर शामिल रहे। आईज को पीजीआई चंडीगढ़ में प्रिजर्व किया गया।
डोनर की सीनियर एज और 2.5 एमजी प्रति डीएल सीरम क्रिएटिनिन स्तर को देखते हुए दोनों किडनियां सिंगल इलिएक फोसा डुअल किडनी ट्रांसप्लांट तकनीक से प्रत्यारोपित की गईं। सर्जरी के छह दिन बाद महिला का सीरम क्रिएटिनिन स्तर 0.9 एमजी प्रति डीएल रहा और उन्हें नॉर्मल ग्राफ्ट फंक्शन के साथ डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉ. साहिल रैली ने कहा कि डोनर और रिसीपिएंट का सावधानीपूर्वक सिलेक्शन और रेगुलर फॉलोअप सफलता की कुंजी है। उन्होंने मेडिकल कम्युनिटी और आम जनता से ऑर्गन डोनेशन के प्रति अवेयरनेस बढ़ाने की अपील की।

