Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

New academic Session at PGIMER : अजीत बजाज बोले- टीमवर्क, सकारात्मक दृष्टिकोण और तैयारी ही सफलता की कुंजी

सफेद कोट पहनने वालों पर बड़ी जिम्मेदारी : विवेक लाल

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
पीजीआईएमईआर के निदेशक डॉ. विवेक लाल नए शैक्षणिक सत्र 2026 के उद्घाटन समारोह में पद्मश्री सम्मानित पर्वतारोही अजीत बजाज और उनकी पुत्री दीया बजाज को सम्मानित करते हुए।
Advertisement

New academic Session at PGIMER : पीजीआईएमईआर में आज नए शैक्षणिक सत्र 2026 का औपचारिक शुभारंभ नाइन ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर संस्थान में प्रवेश लेने वाले सैकड़ों नव-रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन परिवर्तनकारी यात्रा की शुरुआत हुई। समारोह में वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, छात्र और कर्मचारी उपस्थित रहे।

पर्वतारोहण से चिकित्सा तक का संदेश

Advertisement

समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री सम्मानित पर्वतारोही और साहसिक खेलों के विशेषज्ञ अजीत बजाज रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उनकी पुत्री और प्रसिद्ध पर्वतारोही दीया बजाज मौजूद रहीं। यह पिता-पुत्री जोड़ी माउंट एवरेस्ट सहित सेवन समिट्स को फतह करने वाली पहली एशियाई जोड़ी है। नव-प्रवेशी छात्रों को संबोधित करते हुए अजीत बजाज ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र भी पर्वतारोहण की तरह साहस, अनुशासन और निरंतर तैयारी की मांग करता है।

Advertisement

उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखें, कठिन परिश्रम करें और केवल अच्छे डॉक्टर बनने तक सीमित न रहें, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने सफलता का सूत्र बताते हुए कहा कि शिखर तक पहुंचने का रहस्य “टीओपी” में है-टी यानी टीमवर्क, ओ यानी सकारात्मक दृष्टिकोण और पी यानी पूर्व तैयारी। उन्होंने नेतृत्व और नैतिकता पर जोर देते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भी आशावाद और मूल्यों से जुड़ा रहना जरूरी है, विशेषकर चिकित्सा जैसे पेशे में, जहां एक निर्णय कई जिंदगियों को प्रभावित करता है।

बेटियों के सशक्तिकरण पर जोर

विशिष्ट अतिथि दीया बजाज ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्राओं को विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी बेटियों को सशक्त बनाएं, प्रोत्साहित करें और उन पर विश्वास करें, तो भविष्य असाधारण होगा। उनके शब्दों ने महिला सशक्तिकरण और समान अवसर के महत्व को रेखांकित किया।

‘सफेद कोट जिम्मेदारी का प्रतीक’

इससे पहले, पीजीआईएमईआर के निदेशक विवेक लाल ने नव-प्रवेशियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीजीआईएमईआर में कोई आसान रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां उत्कृष्टता केवल निरंतर परिश्रम से ही हासिल होती है। उन्होंने नव-रेजिडेंट्स को याद दिलाया कि सफेद कोट पहनने वाले डॉक्टर समाज के लिए आशा का प्रतीक होते हैं और उन पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा, “हम सफेद कोट वाले पैराट्रूपर्स हैं। मरीज हमसे उम्मीद करते हैं और हमें कभी भी इस जिम्मेदारी को नहीं भूलना चाहिए।”

समारोह के अंत में अकादमिक मामलों के डीन प्रो. आर.के. राठो ने जुलाई 2025 और जनवरी 2026 सत्र के कुल 350 रेजिडेंट डॉक्टरों को बैज पहनाकर उन्हें पीजीआईएमईआर परिवार में शामिल किया। शोध मामलों के डीन प्रो. संजय जैन ने धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए नव-रेजिडेंट्स से संस्थान की उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

Advertisement
×