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ब्रह्मज्ञान का संदेश : दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का लक्ष्य जन जन में धर्म चेतना फैलाना

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और श्री राम कृपा सेवा ट्रस्ट द्वारा सेक्टर 34 के प्रदर्शनी ग्राउंड में आयोजित दिव्य श्री राम कथा का छठा दिन आध्यात्मिक उत्साह से भरा रहा। 23 से 29 नवंबर तक चल रही इस कथा का...
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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और श्री राम कृपा सेवा ट्रस्ट द्वारा सेक्टर 34 के प्रदर्शनी ग्राउंड में आयोजित दिव्य श्री राम कथा का छठा दिन आध्यात्मिक उत्साह से भरा रहा। 23 से 29 नवंबर तक चल रही इस कथा का वाचन संस्थान के संचालक एवं संस्थापक आशुतोष महाराज के मार्गदर्शन में उनकी शिष्या साध्वी श्रेया भारती संत समाज के साथ कर रही हैं। प्रतिदिन सायं 6 से 9 बजे तक होने वाली कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

विशिष्ट अतिथियों ने की ज्योति प्रज्वलित

छठे दिन के शुभारंभ पर स्वामी संपूर्णा नंद, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, लमरीन यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ संदीप कौरा, राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल सहित कई गणमान्य अतिथियों ने प्रभु ज्योति प्रज्वलित की। संस्थान की ओर से स्वामी गिरिधरानंद, स्वामी चिन्मयानंद, स्वामी गुरुकृपानंद और स्वामी प्रकाशानंद उपस्थित रहे। धर्मपाल मित्तल, दिनेश सिंगला, अंशुल सिंगला और मुकेश गुप्ता ने परिवार सहित यजमान पूजन किया।

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संस्थान का उद्देश्य व्यापार नहीं, धर्म का विस्तार: साध्वी श्रेया भारती

साध्वी श्रेया भारती ने बताया कि संस्थान की शुरुआत पंजाब में उस समय हुई जब आतंकवाद का अंधकार था। कुछ लोगों से आरंभ हुआ यह कार्य आज करोड़ों अनुयायियों का विश्व स्तरीय आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य धर्म को व्यवसाय बनाना नहीं बल्कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से धर्म को जन जन तक पहुंचाना है, क्योंकि धर्म प्रदर्शन नहीं बल्कि दर्शन का विषय है।

युवाओं की शक्ति और चेतना पर जोर

कथा में प्रस्तुत देशभक्ति भजन रंग दे बसंती चोला मेरा ने वातावरण को जोश से भर दिया। साध्वी जी ने कहा कि युवा असंभव को संभव बनाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन आज नशाखोरी, अश्लीलता और व्यसनों के कारण पथभ्रष्ट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यौवन आयु का नहीं बल्कि क्षमता, जागरूकता और आत्मविकास का संकेत है। जब ऊर्जा का जागरण होता है तो व्यक्ति अपनी संस्कृति से प्रेम करता है और राष्ट्र के प्रति समर्पित होता है। विवेकानंद और रामतीर्थ जैसे महापुरुषों ने आध्यात्मिक शक्ति से विश्व में भारतीय संस्कृति का संदेश दिया।

विश्व शांति का संकल्प लिए युवा कर रहे सेवा

साध्वी जी ने बताया कि संस्थान में हजारों युवा अपना सर्वस्व त्यागकर समाज कल्याण में लगे हैं। मानव मन की अशांति ही आज की सभी समस्याओं का मूल कारण है और ब्रह्मज्ञान ही इसे शांत कर सकता है। जब व्यक्ति सहज आनंद में होता है तभी समाज से लेकर विश्व तक शांति स्थापित हो सकती है। संस्थान आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में सक्रिय है और अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में चेतना जागृत कर रहा है।

आरती और भंडारे के साथ सम्पन्न हुआ छठा दिन

कथा के छठे दिन का समापन प्रभु की पावन आरती के साथ हुआ जिसमें पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरबजीत सिंह धालीवाल, नगर निगम चंडीगढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर राकेश शर्मा, आईएएस अधिकारी सोनू दुग्गल, बबीता कलेर, राजीव कुमार, एनआरआई अतिथि और कई अन्य विशिष्टजन शामिल हुए। अंत में सभी भक्तजनों को भंडारा प्रसाद वितरित किया गया।

 

 

 

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