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PGGC-11 में ध्यान से तनाव घटाने और एकाग्रता बढ़ाने का दिया संदेश

समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत अमृता ध्यान पर आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने किए व्यावहारिक अभ्यास

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पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज (PGGC), सेक्टर-11 की इनोवेशन सेल ने वाणिज्य एवं हिंदी विभाग के सहयोग से ‘समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत अमृता ध्यान’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना था। इस दौरान तनाव कम करने, विश्राम, भावनात्मक संतुलन और एकाग्रता बढ़ाने से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं।

कार्यशाला का संचालन नरिंदर आनंद और श्वेता आनंद ने किया। दोनों अमृता यूनिवर्सिटी, केरल में एसोसिएट प्रोफेसर एवं यूथ एम्पावरमेंट ग्रुप के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं। नरिंदर आनंद ने पीईसी चंडीगढ़ से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई तथा कैलिफोर्निया, अमेरिका से माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स में एमएस किया है। श्वेता आनंद ने इंदौर, मध्य प्रदेश से कंप्यूटर साइंस में बीई किया है।

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प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास और ध्यान तकनीकों के माध्यम से आंतरिक शांति, भावनात्मक संतुलन, एकाग्रता और आत्म-जागरूकता विकसित करने के लिए मार्गदर्शन दिया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को तनाव कम करने और अधिक शांत एवं स्वस्थ मनःस्थिति विकसित करने के तरीके बताए गए।

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स्वस्थ मन और बेहतर आत्म-जागरूकता का संदेश

कार्यशाला में स्वास्थ्य के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को स्वस्थ मन, भावनात्मक संतुलन और बेहतर आत्म-जागरूकता विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संदेश ‘शांत मन | स्वस्थ आप | उज्ज्वल कल’ रहा।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. तनुजा तलवार और डॉ. शख़ा शारदा ने किया। हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पूनम और वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष राजल कपूर ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान दिया। प्राचार्य डॉ. रमा अरोड़ा और डीन श्रीमती दीपशिखा ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को समग्र स्वास्थ्य, माइंडफुलनेस, ध्यान और संपूर्ण कल्याण को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

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