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दो ट्रैवल कंसल्टेंसी फर्मों के लाइसेंस रद्द

मासिक रिपोर्ट और स्व-घोषणा फॉर्म जमा नहीं कराने पर एडीसी ने की कार्रवाई

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जिला प्रशासन ने ट्रैवल प्रोफेशनल्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो कंसल्टेंसी फर्मों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त गीतिका सिंह ने पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इंटरनेशनल एजुटेक कंसल्टेंसी और ट्राउस्ट ओवरसीज के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। दोनों फर्मों पर निर्धारित मासिक रिपोर्ट और स्व-घोषणा फॉर्म जमा नहीं कराने का मामला सामने आया था।

एडीसी के अनुसार, फेज-11 मोहाली स्थित इंटरनेशनल एजुटेक कंसल्टेंसी के मालिक जगसीर सिंह को कंसल्टेंसी के काम के लिए लाइसेंस 31 अगस्त 2023 को जारी किया गया था। इसकी वैधता 30 अगस्त 2028 तक थी। नियमों के तहत फर्म को अपने कामकाज से संबंधित मासिक रिपोर्ट और मासिक स्व-घोषणा फॉर्म जिला प्रशासन को तथा छमाही रिपोर्ट गृह मामले विभाग, पंजाब सरकार को भेजना अनिवार्य था। दफ्तर के रिकॉर्ड के मुताबिक फर्म को इस संबंध में कई बार नोटिस जारी कर रिपोर्ट और दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन फर्म ने निर्धारित रिपोर्ट और स्व-घोषणा फॉर्म जमा नहीं कराए। इतना ही नहीं, फर्म के मालिक के आवासीय पते पर भेजा गया रजिस्टर्ड पत्र भी अंडिलीवर्ड वापस आ गया।

इसी तरह, गिलको वैली, सेक्टर-127 खरड़ स्थित ट्राउस्ट ओवरसीज की मालिक हरसिमरन रुमाणा को कंसल्टेंसी के लिए लाइसेंस 9 जुलाई 2024 को जारी किया गया था। इसकी वैधता 8 जुलाई 2029 तक थी। एडीसी के अनुसार, फर्म को समय-समय पर नोटिस जारी कर मासिक रिपोर्ट और स्व-घोषणा फॉर्म कार्यालय में जमा कराने और छमाही रिपोर्ट गृह मामले विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए थे। बार-बार नोटिस और निर्देश जारी होने के बावजूद फर्म ने आवश्यक रिपोर्ट और स्व-घोषणा फॉर्म जमा नहीं कराए।

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