मोहाली में फर्जी जीपीए से बेची जमीन, दो लोगों पर केस दर्ज
सेक्टर-35ए चंडीगढ़ निवासी हरमिंदर कौर की शिकायत पर की गई पुलिस जांच में जमीन हड़पने और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के गंभीर तथ्य सामने आए हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार हरमिंदर कौर के...
सेक्टर-35ए चंडीगढ़ निवासी हरमिंदर कौर की शिकायत पर की गई पुलिस जांच में जमीन हड़पने और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के गंभीर तथ्य सामने आए हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार हरमिंदर कौर के पति दिवंगत प्रताप सिंह की मौत 5 फरवरी, 2022 को हो चुकी थी, इसके बावजूद उनके नाम पर गाजियाबाद (यूपी) पते से जाली जीपीए तैयार कर जमीन बेची गई। इस मामले में आईटी थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान राकेश लाल निवासी साखोपुर शहीद भगत सिंह नगर व प्रताप सिंह निवासी गाजियाबाद यूपी के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रताप सिंह के नाम गांव बाकरपुर और धर्मगढ़ में दर्ज करीब 36 कनाल से अधिक जमीन थी। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर प्रताप सिंह की जन्मतिथि तक बदल दी और उसी आधार पर जीपीए तैयार की गई। इस जाली जीपीए के जरिए धर्मगढ़ की 4 कनाल 3 मरला जमीन करीब 72 लाख रुपये में बेची गई। बिक्री की राशि में से करीब 20 लाख रुपये एक आरोपी के बैंक खाते में आए, जबकि शेष नकद लेन-देन किया गया। जांच के दौरान खरीदारों, गवाहों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए। खरीदारों ने दावा किया कि उन्होंने सभी दस्तावेज जांचने के बाद जमीन खरीदी और उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं थी। वहीं एक आरोपी राकेश लाल ने अपने बयान में स्वीकार किया कि जीपीए उसे एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा दी गई थी, हालांकि उसने जीपीए के असली या नकली होने की पुष्टि नहीं की।
पुलिस रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि इसी तरह बाकरपुर की जमीन को लेकर भी पहले एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जांच अधिकारी के अनुसार उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों से स्पष्ट है कि सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी जीपीए बनाकर जमीन बेची गई।
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को मामले में नामजद कर लिया है।

