Krishi Mach Expo 2026 : 0चंडीगढ़ में कल से सजेगा 'कृषि मच एक्सपो 2026', लैब की तकनीकें अब पहुंचेंगी खेतों तक
एक्सपो केवल मशीनों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा
Krishi Mach Expo 2026 : सिटी ब्यूटीफुल का सेक्टर-17 परेड ग्राउंड कल यानी शुक्रवार (13 मार्च) से आधुनिक खेती और तकनीक के नए रंगों में रंगा नजर आएगा। यहां तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘कृषि मच एक्सपो 2026’ का आयोजन होने जा रहा है, जो 15 मार्च तक चलेगा। पंजाब विश्वविद्यालय के डीएसटी टेक्नोलॉजी इनेबलिंग सेंटर ने फॉर्च्यून एग्जीबिटर्स और स्टेट सपोर्ट मिशन हरियाणा के साथ मिलकर एक ऐसा मंच तैयार किया है, जहां किसान, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के विशेषज्ञ एक साथ नजर आएंगे।
खेती की मशीनों का प्रदर्शन और तकनीकी हस्तांतरण
इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण कृषि यंत्रीकरण है। देश के प्रमुख निर्माताओं द्वारा तैयार की गई उन्नत मशीनें और कृषि उपकरण यहां प्रदर्शित किए जाएंगे। अक्सर विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं तक सीमित रहने वाले शोध अब सीधे किसानों के पास पहुंचेंगे। इस एक्सपो के माध्यम से 'प्रौद्योगिकी हस्तांतरण' को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि शिक्षा जगत में हुए अनुसंधान का लाभ व्यावसायिक रूप से खेतों तक पहुंच सके और किसानों की आय में इजाफा हो। इसमें हरियाणा और पंजाब के हजारों किसानों के शामिल होने की संभावना है।
'नानक खेती' से लेकर कार्बन क्रेडिट तक पर होगा मंथन
एक्सपो केवल मशीनों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें समानांतर सत्रों का आयोजन होगा, जहां वैज्ञानिक और विशेषज्ञ 'कार्बन क्रेडिट', 'बांस की खेती' और 'नानक खेती' जैसे पारंपरिक व आधुनिक विषयों पर किसानों से संवाद करेंगे। खास बात यह है कि नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (गुजरात), शूलिनी यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के एग्री-टेक स्टार्टअप्स को यहां 'पिचिंग सेशन' में अपनी तकनीक दिखाने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें बाजार और फंडिंग मिलने की संभावना बढ़ेगी।
नेटवर्किंग और सहयोग का बड़ा मंच
प्रदर्शनी के आयोजकों का कहना है कि यह एक्सपो न केवल नई मशीनों को देखने का मौका देगा, बल्कि यह कृषि क्षेत्र में नेटवर्किंग का भी एक बड़ा माध्यम बनेगा। शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए यह अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच है। इससे उद्योग और शिक्षा जगत के बीच की दूरी कम होगी, जिससे आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में बड़े क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस ज्ञान साझाकरण मंच में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।

