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आईटी सिटी के निवासियों का गमाडा पर फूटा गुस्सा

  आईटी सिटी के निवासी गमाडा की ओर से लगाए गए लाखों रुपये के एन्हांसमेंट चार्ज को लेकर लंबे समय से परेशान हैं। अदालत की ओर से गमाडा को बैठक कर मामले पर विचार करने के निर्देश दिए गए...

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आईटी सिटी के निवासी गमाडा की ओर से लगाए गए लाखों रुपये के एन्हांसमेंट चार्ज को लेकर लंबे समय से परेशान हैं। अदालत की ओर से गमाडा को बैठक कर मामले पर विचार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पिछले दो महीनों में दो बार बैठक बुलाकर स्थगित किए जाने से निवासियों में भारी रोष है। मंगलवार को इलाके के काउंसलर नसीब सिंह संधू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल बैठक के लिए गमाडा कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि बैठक कक्ष में पहुंचने के बावजूद न तो उन्हें पानी तक पूछा गया और न ही कोई अधिकारी उनसे मिलने आया। बाद में उन्हें बताया गया कि बैठक फिर स्थगित कर दी गई है। इससे पहले भी बैठक के दौरान अधिकारियों ने बिना कोई ठोस बातचीत किए निवासियों को वापस भेज दिया था। काउंसलर नसीब सिंह संधू ने कहा कि गमाडा अधिकारियों को तुरंत इलाके के लोगों की समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक एन्हांसमेंट का मामला हल नहीं होता, तब तक निवासियों के सीवरेज कनेक्शन, प्लॉट ट्रांसफर सहित अन्य जरूरी कार्य तुरंत किए जाने चाहिए। अदालत में केस दायर करने वाले परमजीत सिंह ने कहा कि गमाडा अधिकारी आंखें बंद करके बैठे हैं और बार-बार बैठक बुलाकर उसे स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गमाडा निवासियों के सब्र का इम्तिहान न ले, अन्यथा वे दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाकर अधिकारियों के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का केस दायर करेंगे।

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इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष हरविजेपाल सिंह लांबा ने कहा कि इंडस्ट्री के प्लॉट तो दे दिए गए, लेकिन वहां बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं करवाया गया और अब एन्हांसमेंट की दरें भी बहुत अधिक लगा दी गई हैं। डॉ. अमरिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने प्लॉट की पूरी राशि समय पर जमा करवा दी थी, लेकिन गमाडा ने करीब पांच साल बाद कब्जा दिया। उन्होंने मांग की कि इस अवधि की राशि पर उन्हें ब्याज दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मामले का उचित समाधान निकलता है और कोई राशि बनती है तो सभी निवासी विचार कर उसे जमा करवाने को तैयार हैं, लेकिन गमाडा द्वारा रोके गए ब्याज का भी हिसाब होना चाहिए। वहीं निवासी जसवंत राय ने कहा कि एन्हांसमेंट के नाम पर लाखों रुपये लगाए गए हैं, जिसे किसी भी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस मामले में गमाडा अधिकारियों से संपर्क करने की बहुत कोशिश की गई पर संपर्क नहीं हो सका।

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फोटो : गमाडा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते आईटी सिटी के निवासी।

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