International Nursing Training : 27 देशों के 50 नर्सिंग विशेषज्ञ पीजीआई में सीखेंगे स्वास्थ्य प्रबंधन के गुर
एक सप्ताह के प्रशिक्षण में नेतृत्व, नई तकनीक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के तरीकों की दी जाएगी जानकारी
International Nursing Training : पीजीआई चंडीगढ़ में बुधवार को 27 देशों के 50 वरिष्ठ नर्सिंग विशेषज्ञों के लिए एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें विशेषज्ञों को स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंधन, टीम नेतृत्व और नई तकनीक के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम पीजीआईएमईआर के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इसे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम का सहयोग मिल रहा है।
कार्यक्रम के उद्घाटन पर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन विकास कार्यक्रम के निदेशक प्रो. सोनू गोयल ने विशेषज्ञों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में नर्सिंग विशेषज्ञों की अहम भूमिका है। स्वास्थ्य क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुसार नेतृत्व क्षमता और नई सोच विकसित करना जरूरी है।
प्रशिक्षण में सेशेल्स, कंबोडिया, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, घाना, तंजानिया, इराक, ट्यूनीशिया, लेबनान, आर्मेनिया, अर्जेंटीना, टोगो, रूस, मलावी, जाम्बिया, सिएरा लियोन, गैबॉन, नेपाल, केन्या, नामीबिया, ताजिकिस्तान, लाइबेरिया, मिस्र, लाओस, उज्बेकिस्तान, बुर्किना फासो और कैमरून के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कृतिका उपाध्याय ने कहा कि अलग-अलग देशों से आए विशेषज्ञों को एक-दूसरे के अनुभव और काम करने के तरीकों से सीखने का अवसर मिलेगा। भारत भी स्वास्थ्य सेवाओं में अपनाए गए सफल तरीकों को दूसरे देशों के साथ साझा कर रहा है।
पीजीआई की सुविधाओं और स्मार्ट सिटी व्यवस्था को भी समझेंगे
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों को व्याख्यान, केस स्टडी, समूह गतिविधियों और अभ्यास के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। वे पीजीआई की ग्रीन हॉस्पिटल पहल, टेलीमेडिसिन एवं टेली-एविडेंस सेंटर और क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (रोटो) का दौरा करेंगे। स्मार्ट सिटी की व्यवस्था समझने के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का भ्रमण भी प्रस्तावित है। पीजीआई के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत अब तक 97 देशों के 1,800 से अधिक स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

