चंडीगढ़ में 20 हजार से कम आय वालों को मिले 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 20 हजार लीटर पानी
सांसद मनीष तिवारी का प्रशासक को पत्र
चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने शहर के शहरी गरीब और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए मुफ्त बिजली और पानी की सुविधा लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर 20 हजार रुपये से कम मासिक आय वाले परिवारों को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 20 हजार लीटर मुफ्त पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
चार पन्नों के विस्तृत पत्र में तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ के शहरी गांवों और पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले लोग लगातार बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत से जूझ रहे हैं। कई परिवार अपने छोटे फ्लैटों की लीज राशि और लाइसेंस फीस तक जमा नहीं कर पा रहे, जिसके चलते उन्हें नोटिस और ब्याज का सामना करना पड़ रहा है।
तिवारी ने कहा कि प्रशासन के पास इस योजना को लागू करने के लिए पर्याप्त वित्तीय गुंजाइश मौजूद है। उन्होंने केंद्रीय बजट के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा पर खर्च में पिछले वर्षों की तुलना में भारी कमी आई है और इसी बचत का उपयोग गरीब परिवारों को राहत देने में किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा पर 1027.87 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 2026-27 में यह प्रावधान घटकर 171.86 करोड़ रुपये रह गया है। तिवारी ने सुझाव दिया कि प्रशासन सप्लीमेंट्री ग्रांट्स के माध्यम से 856 से 1000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मांगकर मुफ्त बिजली योजना लागू कर सकता है।
सांसद ने कहा कि पंजाब जैसे भारी कर्ज वाले राज्य में भी लोगों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, जबकि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण सीधे केंद्र सरकार से फंड प्राप्त करता है। ऐसे में शहर के गरीब परिवारों को राहत देना संभव है। मुफ्त पानी के मुद्दे पर तिवारी ने कहा कि नगर निगम के जनरल हाउस ने पहले भी शहरवासियों को मुफ्त पानी देने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि 20 हजार लीटर मुफ्त पानी योजना पर आने वाला खर्च सीमित होगा और नगर निगम इसे आसानी से वहन कर सकता है।

