मानी गई मांगों पर 8 तक अमल नहीं तो 9 को अनशन

मानी गई मांगों पर 8 तक अमल नहीं तो 9 को अनशन

पंचकूला, 2 दिसंबर (ट्रिन्यू)

सरकार के निमंत्रण पर बुधवार देर शाम यहां स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यालय में मिशन निदेशक व स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ हरियाणा के शिष्टमंडल के बीच स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों को लेकर बैठक हुई।

स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा, महासचिव सतपाल खासा व वित्त सचिव रणधीर सिंह चहल ने बताया कि बैठक में संघ द्वारा प्रस्तुत आरसीएच के तहत कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को 4200 ग्रेड पे के अनुसार वेतनमान देने, अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पुरुष व महिला स्वास्थ्य सुपरवाइजर की नियुक्ति करवाने, कोविड टीकाकरण के नाम पर साप्ताहिक अवकाश देने पर लगी रोक हटाने सहित अनेक मांगों पर पर मिशन निदेशक द्वारा सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने आरसीएच के तहत कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को वर्दी भत्ता, नियत यात्रा भत्ता, मकान किराया भत्ता देने पर बजट न होने की बात कहते हुए वर्तमान में देने से इंकार कर दिया। उधर, स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रतिनिधियों ने महानिदेशक व निदेशक योजना को अवगत करवाया कि यदि 8 दिसंबर से पूर्व सकारात्मक कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई तो 9 दिसंबर को महानिदेशालय के कार्यालय के सम्मुख अनशन किया जायेगा और उसी दिन आन्दोलन के अगले चरण का ऐलान भी कर दिया जायेगा।

पदों में कटौती के निर्णय पर जतायी आपत्ति

स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य विभाग की योजना शाखा के निदेशक डाॅ. प्रवीन सेठी से मिला और नये नियमों के नाम पर एमपीएचडब्ल्यू काडर के पदों में कटौती करने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए तुरन्त इस जन विरोधी निर्णय को वापिस लेने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने निदेशक को अवगत करवाया कि स्वास्थ्य विभाग की योजना शाखा के उक्त निर्णय के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों की पदोन्नति भी रूकी हुई है। निदेशक योजना ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वर्तमान पदों को बहाल रखने, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पुरुष व महिला स्वास्थ्य सुपरवाइजर तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर एमपीएचडब्ल्यू के पद स्वीकृत करवाने की प्रक्रिया की जा रही है। इसी प्रकार एमपीएचडब्ल्यू को 4200 ग्रेड पे देने के उपरान्त एमपीएचडब्ल्यू काडर के पदोन्नत पदों के ग्रेड पे भी संशोधित करवाने के लिए भी सरकार को सिफारिश की जा रही है।

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