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Homebuyers Relief : गुरुग्राम में कुर्क संपत्तियों का मामला, दो हजार होमबायर्स की बहाली पर हाईकोर्ट ने ED से मांगा हलफनामा

Homebuyers Relief : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुग्राम में अस्थायी रूप से कुर्क की गई संपत्तियों की बहाली को लेकर करीब दो हजार होमबायर्स को संभावित राहत का संकेत दिया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED)...

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Homebuyers Relief : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुग्राम में अस्थायी रूप से कुर्क की गई संपत्तियों की बहाली को लेकर करीब दो हजार होमबायर्स को संभावित राहत का संकेत दिया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि क्या होमबायर्स के दावों पर विचार के लिए किसी सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जा सकती है।

चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस नीरजा कुलवंत कौर कलसन की खंडपीठ ने यह निर्देश एक होमबायर की ओर से दायर याचिका पर दिया। याचिका गुरुग्राम के सेक्टर 37 डी, 92 और 95 में बसई, गाडोली कलां, हयातपुर और वजीरपुर गांवों में प्रस्तावित एक आवासीय परियोजना से जुड़ी है।

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याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित संपत्तियां एम एस रामप्रस्थ प्रोमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत चल रही कार्यवाही के दौरान कुर्क की गई थीं। प्रवर्तन निदेशालय ने ग्यारह जुलाई 2025 को अस्थायी कुर्की का आदेश पारित किया था, जिसे उन्नीस दिसंबर 2025 को निर्णायक प्राधिकरण ने पुष्टि कर दी।

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याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा आठ की उपधारा आठ के तहत विशेष अदालत को यह अधिकार है कि वह मुकदमे के दौरान दावेदारों की अर्जियों पर विचार कर संपत्ति की बहाली का आदेश दे सकती है। इसके लिए केंद्र सरकार ने जब्त संपत्ति की बहाली से संबंधित नियम भी अधिसूचित किए हैं।

सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से यह दलील दी गई कि होमबायर्स की संख्या काफी अधिक होने के कारण, प्रत्येक दावे पर अलग अलग सुनवाई के बजाय किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक बहाली समिति का गठन अधिक व्यावहारिक होगा। इस पर हाई कोर्ट ने ई डी को हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई दस फरवरी को होगी।

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