Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

हिम एमएसएमई फेस्ट : 10 हजार करोड़ के निवेश के 27 एमओयू, प्रदेश में औद्योगिक क्रांति की तैयारी

 हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक विकास गाथा में हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 का दूसरा दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। शिमला के पीटरहॉफ परिसर में आयोजित इन्वेस्टर मीट में 27 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनके तहत कुल 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
Shimla: Artists dressed in ‘Kinnauri’ attire perform during the Him MSME Fest 2026, in Shimla, Sunday, Jan. 4, 2026. (PTI Photo)
Advertisement

 हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक विकास गाथा में हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 का दूसरा दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। शिमला के पीटरहॉफ परिसर में आयोजित इन्वेस्टर मीट में 27 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनके तहत कुल 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने फेस्ट के दौरान निवेशकों और उद्यमियों से संवाद करते हुए राज्य में उद्योगों के विस्तार और प्रोत्साहन की दिशा में सरकार की तैयारियों का ब्यौरा दिया।

औद्योगिक निवेश और क्षेत्रीय विकास

हस्ताक्षरित एमओयू में फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन मोबिलिटी, इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में एग्री-बेस्ड एमएसएमई, पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मूल्य संवर्धन की योजनाएं शामिल हैं। फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान आधारित उत्पादन, बल्क ड्रग्स और निर्यात क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया। ग्रीन मोबिलिटी और सोलर व नवीकरणीय ऊर्जा के निवेश से पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय रोजगार भी बढ़ेंगे।

Advertisement

उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नज़ीम, निदेशक उद्योग डॉ. यूनुस और अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा ने निवेशकों को औद्योगिक पारिस्थितिकी, भूमि उपलब्धता और प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल एमओयू साइन करना नहीं बल्कि उत्पादन क्षमता बढ़ाकर राज्य की आय संरचना मजबूत करना है।

Advertisement

नई उद्योग नीति और निवेश-अनुकूल माहौल

मुख्यमंत्री सुक्खू ने घोषणा की कि प्रदेश में शीघ्र नई उद्योग नीति लाई जाएगी। इसके तहत उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति, न्यूनतम लॉजिस्टिक कॉस्ट, सिंगल विंडो क्लियरेंस और समयबद्ध अनुमोदन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। एमएसई फार्मा लैब, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, कौशल विकास केंद्र और सीआईपीईटी जैसी आधारभूत संरचनाएं तैयार की जा रही हैं।

उद्योगों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए उदार नीतियां तैयार की जा रही हैं। नियम और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है ताकि उद्यमियों को हर संभव मदद मिल सके। बद्दी और ऊना में कौशल विकास केंद्र, सतत औद्योगिक पार्क और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बद्दी से चंडीगढ़ रेलवे लाइन के लिए केंद्र को अग्रिम भुगतान किया गया है और चंडीगढ़ के समीप हिम-चंडीगढ़ शहर विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार की दृष्टि है कि हिमाचल एमएसएमई क्लस्टर्स, डिजिटल और एआई आधारित उद्योगों, हरित ऊर्जा और ग्रामीण औद्योगिकीकरण के माध्यम से प्रतिस्पर्धी और सशक्त औद्योगिक केंद्र बने।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इस निवेश से प्रदेश की औद्योगिक जीडीपी बढ़ेगी, रोजगार सृजन होगा और हिमाचल के एमएसएमई क्लस्टर्स वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ेंगे। हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 ने राज्य के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने का स्पष्ट संदेश दिया।

प्रदेश में उद्यमिता और एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा बल : सुक्खू

Advertisement
×