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Haryana Strike : सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार की सख्ती, तीन दिन में 73 बर्खास्त; फिर भी 13 तक आंदोलन 

13 हजार सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण पर अड़ी यूनियन, सरकार दे रही सेवा सुरक्षा का भरोसा

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सांकेतिक फोटो
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हरियाणा में सफाई और सीवर कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव बुधवार को भी जारी रहा। सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों पर कार्रवाई तेज करते हुए फतेहाबाद के नौ और हिसार के एक कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों में 73 कर्मचारी बर्खास्त और 10 निलंबित किए जा चुके हैं।

हालांकि, सरकार की सख्ती का असर भी दिखा और बुधवार को 473 कर्मचारी काम पर लौट आए। अब तक करीब एक हजार कर्मचारियों के ड्यूटी पर लौटने की रिपोर्ट शहरी निकाय निदेशालय को मिल चुकी है। इसके बावजूद कर्मचारी संगठनों ने पीछे हटने के बजाय हड़ताल 13 सितंबर तक बढ़ा दी है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने साफ कर दिया है कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते में स्वीकार की गई मांगों पर लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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नियमितीकरण बना सबसे बड़ा गतिरोध

करीब 13 हजार सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा सरकार और यूनियन के बीच सबसे बड़ा गतिरोध बना हुआ है। सरकार कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं देने की बात कह रही है, लेकिन यूनियन नियमितीकरण से कम पर मानने को तैयार नहीं है।

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कर्मचारी संगठन ठेका प्रथा समाप्त करने, सफाई व सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती करने तथा पालिका रोल पर कार्यरत कर्मचारियों के अलावा अग्निशमन विभाग के अनुबंधित ड्राइवरों और फायरमैन को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि 13 मई के समझौते में स्वीकार की गई 17 मांगों के आदेश और पत्र जारी होने के बाद ही हड़ताल पर कोई फैसला लिया जाएगा।

87 शहरों में शोक सभा, मौतों पर सरकार को घेरा

हड़ताल के बीच प्रदेश के सभी 87 शहरों में शोक सभाएं आयोजित की गईं। इनमें कुरुक्षेत्र के सफाई कर्मचारी रोहित और करनाल के सफाई कर्मचारी कुलदीप को श्रद्धांजलि दी गई। कर्मचारी नेताओं ने दोनों की मौत के लिए कथित सरकारी उत्पीड़न और पुलिस कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग की।

13 को कुरुक्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन

आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारी संगठनों ने 10, 11 और 12 सितंबर को शहरों में जन न्याय पंचायतें आयोजित करने का फैसला किया है। इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत होगी। इस बीच सरकार की कार्रवाई और कर्मचारियों की वापसी से हड़ताल का असर कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन नियमितीकरण और 13 मई के समझौते को लागू करने के सवाल पर दोनों पक्ष अभी आमने-सामने हैं। ऐसे में कुरुक्षेत्र की राज्यस्तरीय पंचायत को आंदोलन की अगली दिशा तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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