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Haryana Rajya Sabha Elections : कांग्रेस में ‘सियासी भूचाल’ : क्रॉस-वोटिंग करने वाले 5 विधायकों पर गिरेगी गाज, रामकिशन गुर्जर का इस्तीफा

0.34 वोट की जीत के बाद कांग्रेस में ‘एक्शन मोड’: बागियों पर गाज, इस्तीफे से बढ़ा सियासी तूफान, क्रॉस वोटिंग के नाम राहुल गांधी तक पहुंचे, कभी भी हो सकता है बड़ा फैसला

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Haryana Rajya Sabha Elections :  हरियाणा राज्यसभा चुनाव में मिली जीत के बावजूद कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। क्रॉस वोटिंग के बाद अब पार्टी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है। कांग्रेस पांच विधायकों को नोटिस देने की तैयारी में है, वहीं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर के इस्तीफे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में महज 0.34 वोट के अंतर से मिली जीत ने कांग्रेस को राहत कम और संकट ज्यादा दिया है। चुनावी जीत के तुरंत बाद पार्टी अब ‘डैमेज कंट्रोल’ से आगे बढ़कर ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रही है। क्रॉस वोटिंग और वोट निरस्त होने के मामलों ने संगठन की अंदरूनी स्थिति उजागर कर दी है, जिसके बाद अब हाईकमान सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

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सूत्रों के अनुसार, पांच विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग और चार विधायकों के वोट निरस्त होने का पूरा ब्योरा कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच चुका है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तक भी इन विधायकों के नाम भेज दिए गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले विधायकों पर किसी भी समय कार्रवाई हो सकती है।

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हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने सीट तो बचा ली, लेकिन इसके बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को संभालने की है। क्रॉस वोटिंग, इस्तीफे, संभावित निष्कासन और अंदरूनी खींचतान ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। अब नजर इस बात पर है कि राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान इस पूरे मामले में कितनी सख्ती दिखाते हैं। यह चुनाव खत्म जरूर हो गया है, लेकिन कांग्रेस के लिए असली राजनीतिक लड़ाई अब शुरू हुई है।

हुड्डा की रिपोर्ट से तेज हुई कार्रवाई की प्रक्रिया

विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन विधायकों की सूची तैयार कर हाईकमान को सौंप दी है, जिनकी भूमिका संदिग्ध रही। रोचक बात यह है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान हरियाणा मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद खुद भी मतदान केंद्र में मौजूद थे। ऐसे में वे खुद भी पार्टी नेतृत्व को पूरी रिपोर्ट देंगे। हुड्डा ने सार्वजनिक तौर पर नामों का खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत साफ हैं कि पार्टी अब अनुशासनहीनता को लेकर नरमी नहीं दिखाएगी। बताया जा रहा है कि पहले चरण में इन विधायकों से जवाब मांगा जाएगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें पार्टी से बाहर किया जा सकता है।

‘बड़ी बगावत’ टली, लेकिन संकेत खतरनाक

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर भाजपा की रणनीति पूरी तरह सफल हो जाती, तो कांग्रेस में बगावत करने वाले विधायकों की संख्या एक दर्जन से भी अधिक हो सकती थी। फिलहाल पांच विधायकों की क्रॉस वोटिंग और चार वोटों के निरस्त होने ने ही पार्टी को झकझोर दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि अंदरखाने असंतोष गहरा है।

गुर्जर का इस्तीफा: सियासी कड़ी का पहला कदम

इस पूरे घटनाक्रम के बीच हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को एक लाइन का इस्तीफा भेजकर पद छोड़ दिया। रामकिशन गुर्जर, नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी के पति हैं और उनका नाम भी क्रॉस वोटिंग विवाद से जोड़ा जा रहा है। उनका इस्तीफा इस पूरे सियासी घटनाक्रम की पहली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

रिश्तों की राजनीति: सेंधमारी की नई कहानी

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में पारिवारिक रिश्तों की भी अहम भूमिका रही। रामकिशन गुर्जर की बेटी की शादी केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के परिवार में हुई है। चर्चा है कि इसी रिश्तेदारी के जरिए राजनीतिक संपर्क साधे गए और कांग्रेस के भीतर सेंधमारी की रणनीति बनाई गई। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सियासी हलकों में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

शैली चौधरी पर नजर, ‘पॉलिटिकल टाइमिंग’ अहम

नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी अब पूरे घटनाक्रम का अहम चेहरा बन गई हैं। उनका नाम भी क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों में लिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पहले से रणनीति तय थी कि रामकिशन गुर्जर पार्टी छोड़ेंगे और उसके बाद कांग्रेस के रुख के आधार पर शैली चौधरी अगला कदम उठाएंगी। राजनीतिक गणित के मुताबिक, यदि पार्टी उन्हें निष्कासित करती है तो उनकी विधायकी सुरक्षित रह सकती है, जबकि खुद पार्टी छोड़ने पर अयोग्यता का खतरा रहेगा।

‘उपचुनाव मोड’ में बागी विधायक

कांग्रेस के भीतर यह भी चर्चा है कि जिन विधायकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, वे पहले से ही संभावित उपचुनाव के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। बताया जा रहा है कि यदि पार्टी से निष्कासन होता है, तो उनके लिए भाजपा में जाने का रास्ता खुला हुआ है और उन्हें टिकट का आश्वासन भी मिल सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों में शैली चौधरी, रेणुबाला, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद इलियास और जरनैल सिंह के नाम चर्चा में हैं। वहीं जिन विधायकों के वोट निरस्त हुए, उनके नाम भी पार्टी नेतृत्व को भेजे जा चुके हैं। हालांकि पार्टी ने अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

दीपेंद्र हुड्डा के सख्त तेवर, बढ़ा दबाव

रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के साथ गद्दारी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उनके इस बयान से साफ है कि पार्टी के भीतर कार्रवाई को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह भी है कि आरोपों के घेरे में आए कुछ विधायक हुड्डा खेमे से भी जुड़े बताए जा रहे हैं, जिससे अंदरूनी सियासत और जटिल हो गई है।

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