Haryana Weather :हरियाणा के रोहतक, हिसार व सोनीपत सहित कई जिलों में झमाझम बारिश, पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट
मौसम का बदला मिजाज
Haryana Weather :हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के रोहतक, हिसार, सोनीपत, महेंद्रगढ़, हांसी और कैथल सहित कई हिस्सों में मंगलवार सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। रोहतक में अल सुबह शुरू हुई बूंदाबांदी तेज बारिश में बदल गई, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। वहीं सोनीपत में भी सुबह करीब 20-25 मिनट तक झमाझम बारिश हुई, जिसके बाद फिलहाल वहां घने काले बादल छाए हुए हैं और और अधिक बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक लगातार बारिश की संभावना जताते हुए सभी 23 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
ताजा मौसमी बदलाव से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान ने भारी नुकसान भी पहुंचाया है। सोमवार को प्रदेश के 10 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। इस दौरान हांसी में एक टावर और मकान की दीवार गिरने के कारण एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई।
इसके अलावा भिवानी के सिवानी में हवा में करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का बवंडर देखा गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। हिसार, सिरसा, भिवानी, रोहतक, नारनौल, रेवाड़ी, सोनीपत और पानीपत के लोगों को भी भीषण धूलभरी आंधी का सामना करना पड़ा।
निचले इलाकों में जलभराव की चिंता, किसानों के चेहरे खिले
विभिन्न शहरों के बाजारों और मुख्य मार्गों पर झमाझम बारिश के कारण वाहन चालकों को सुरक्षित सफर के लिए सावधानी बरतनी पड़ रही है। सड़कों पर पानी जमा होना शुरू हो गया है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
दूसरी ओर, इस मानसूनी फुहार से किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है क्योंकि यह बारिश फसलों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
प्री-मानसून में सामान्य से अधिक बरसे मेघ
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 15 जून के बीच हरियाणा में प्री-मानसून की अच्छी गतिविधियां देखने को मिली हैं। इस समयावधि में राज्य में औसतन 20.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस अवधि की सामान्य बारिश (17.3 मिलीमीटर) से अधिक है। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पलवल, रेवाड़ी, फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा है।
