इमरजेंसी में मरीजों को मिलेगा जीवनदान, GMCH-32 में हरियाणा के डॉक्टरों को सिखाए एनेस्थीसिया के गुर
Haryana Doctors Training : 35 से अधिक मेडिकल अफसरों ने सीखीं जीवन रक्षक तकनीकें, निदेशक प्रो. कौर ने किया उद्घाटन
Haryana Doctors Training : हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अब आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसके लिए राजधानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), सेक्टर-32 में हरियाणा के चिकित्सा अधिकारियों के लिए एक विशेष 'लाइफ सेविंग एनेस्थीसिया स्किल्स' (CME) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए 35 से अधिक चिकित्सा अधिकारियों को आपातकालीन स्थितियों में जान बचाने के आधुनिक गुर सिखाए गए।
कौशल आधारित ट्रेनिंग पर फोकस
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं जीएमसीएच-32 की निदेशक प्रधानाचार्य प्रो. रवनीत कौर ने किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs और CHCs) में तैनात डॉक्टरों के लिए नियमित कौशल-आधारित प्रशिक्षण बेहद अनिवार्य है। प्रो. कौर ने इस बात पर जोर दिया कि यदि डॉक्टर एनेस्थीसिया और पुनर्जीवन (Resuscitation) की तकनीकों में माहिर होंगे, तो गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वे यहाँ सीखी गई तकनीकों को अपने फील्ड पोस्टिंग के दौरान पूरी संजीदगी से लागू करें।
विशेषज्ञों ने दिए 'हैंड्स-ऑन'![]()
टिप्स प्रशिक्षण के दौरान एनेस्थीसिया और गहन देखभाल विभाग के विशेषज्ञों ने डॉक्टरों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक (Practical) प्रशिक्षण भी दिया।
- एयरवे मैनेजमेंट : सांस रुकने की स्थिति में मरीज को कैसे ऑक्सीजन और सहारा दिया जाए।
- इमरजेंसी प्रोटोकॉल : हृदय गति रुकने या अन्य गंभीर स्थितियों में तत्काल कौन से कदम उठाए जाएं।
- प्रैक्टिकल सेशन : डमी और आधुनिक उपकरणों के जरिए डॉक्टरों को जीवन रक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
एनएचएम हरियाणा के सहयोग से आयोजन
एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजीव पाल्टा की देखरेख में आयोजित यह प्रोग्राम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) हरियाणा और राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (SIHFW), पंचकूला के सहयोग से संपन्न हुआ। पंचकूला से आए एसएमओ डॉ. परमजीत और आयोजन सचिव प्रो. मनप्रीत सिंह ने कार्यक्रम का समन्वय किया। विशेषज्ञों ने संकल्प जताया कि हरियाणा की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि ग्रामीण स्तर तक मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

