GMCH 32 Chandigarh : जीएमसीएच-32 में कूटनीति के मंच पर उतरे छात्र; मंदीप बराड़ बोले- डॉक्टर के साथ लीडर बनना भी जरूरी
युवाओं में कूटनीति और नेतृत्व क्षमता निखारने की पहल
GMCH 32 Chandigarh : चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में शनिवार को कूटनीति, संवाद और तर्क-वितर्क का अनूठा माहौल नजर आया। अवसर था 'जीएमसीएच मॉडल यूनाइटेड नेशंस' (MUN) के चौथे संस्करण के आगाज़ का। इस दो दिवसीय सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि मंदीप सिंह बराड़, गृह सचिव एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान, चंडीगढ़ प्रशासन ने किया। जीएमसीएच की साहित्यिक समिति के तत्वावधान में आयोजित इस पूरे कार्यक्रम की कमान मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने ही संभाली है।
वैश्विक चुनौतियों पर मंथन
अंग तस्करी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा
इस सम्मेलन में ट्राईसिटी के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 150 से अधिक प्रतिनिधि (डेलीगेट्स) भाग ले रहे हैं। ये युवा छात्र अलग-अलग देशों के राजनयिकों की भूमिका निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय निकायों का अनुकरण कर रहे हैं। सम्मेलन के दौरान छात्र 'अंग तस्करी' (Organ Trafficking), 'साइबर सुरक्षा' और 'वैश्विक संकट' जैसी समसामयिक चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। चर्चा का उद्देश्य इन जटिल समस्याओं के कूटनीतिक समाधान तलाशना है।
किताबी ज्ञान के साथ नेतृत्व क्षमता भी अहम
सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंदीप सिंह बराड़ ने छात्रों के कौशल और उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा जैसे पेशेवर क्षेत्र में आलोचनात्मक सोच, नेतृत्व और वैश्विक दृष्टिकोण का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल समस्याओं पर चर्चा न करें, बल्कि सार्थक संवाद और सहयोगात्मक तरीके से उनके ठोस समाधान खोजने का प्रयास करें।
मंदीप सिंह बराड़ ने एक मेडिकल संस्थान के भीतर इस तरह की अंतर-विषयक गतिविधियों (Interdisciplinary Activities) को बढ़ावा देने के लिए जीएमसीएच प्रबंधन और छात्रों की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ सीधा संवाद भी किया और उनके वैश्विक दृष्टिकोण को जाना। यह आयोजन युवाओं में कूटनीति और नेतृत्व कौशल को निखारने की दिशा में एक प्रभावी मंच साबित हो रहा है।

