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Global Health : दुनिया के 24 देशों तक पहुंचा पीजीआईएमईआर का स्वास्थ्य मॉडल

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टेलीमेडिसिन, आयुष्मान भारत और अन्य सेवाओं की जानकारी ली

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Global Health :  पीजीआईएमईआर में 24 देशों से आए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी ली। पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने 8वें पब्लिक हेल्थ पॉलिसी एंड मैनेजमेंट कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय के भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) के सहयोग से आयोजित किया गया।

प्रतिनिधियों को आयुष्मान भारत, टेलीमेडिसिन, अंगदान, चिकित्सा शिक्षा और शोध के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि पीजीआईएमईआर में अपनाई जा रही कुछ व्यवस्थाओं को दूसरे देशों में भी लागू किया जा सकता है। प्रतिनिधि सेशेल्स, कंबोडिया, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, घाना, तंजानिया, इराक, ट्यूनीशिया, लेबनान, आर्मेनिया, अर्जेंटीना, टोगो, रूस, मलावी, जाम्बिया, सिएरा लियोन, गैबॉन, नेपाल, केन्या, नामीबिया, ताजिकिस्तान, लाइबेरिया, मिस्र और उज्बेकिस्तान से आए थे।

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स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग पर जोर

प्रो. विवेक लाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए देशों के बीच सहयोग जरूरी है। उन्होंने आयुष्मान भारत को भारत की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं में से एक बताया। उनके अनुसार, इससे लाखों लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। सस्ती जेनेरिक दवाओं ने भी आवश्यक इलाज को लोगों की पहुंच में लाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत दूसरे देशों के अनुभवों से भी सीख सकता है।

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डीन एकेडमिक्स प्रो. संजय जैन ने कहा कि आईटीईसी से जुड़े देश मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं के बेहतर समाधान तलाश सकते हैं।

40 लाख से अधिक लोगों को मिला टेलीमेडिसिन का लाभ

टेलीमेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. बिमान सैकिया और डॉ. अमित ने बताया कि विभाग एक दिन में 4,000 तक टेली-कंसल्टेशन करता है। अब तक 40 लाख से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।

कार्यक्रम निदेशक प्रो. सोनू गोयल ने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक 98 देशों के 1,850 से अधिक स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विभिन्न देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

स्मार्ट सिटी की व्यवस्थाएं भी देखीं

प्रतिनिधियों ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी दौरा किया। वहां उन्हें स्मार्ट सिटी की सुरक्षा, यातायात और नागरिक सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल, ई-चालान, पुलिस, दमकल और चिकित्सा सेवाओं की आपातकालीन व्यवस्था, ठोस कचरा ट्रैकिंग, स्मार्ट लाइटिंग और केंद्रीय डेटा हब के बारे में भी बताया गया।

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