Garhwal Sabha Felicitation : गढ़वाल सभा के समारोह में 32 मेधावी छात्र और 25 पूर्व सैनिक सम्मानित
शिक्षा, खेल, कला और राष्ट्र सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान, मुख्य अतिथि ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
Garhwal Sabha Felicitation : गढ़वाल सभा जीरकपुर (बलटाना-ढकोली) की ओर से रविवार को सेक्टर-29ए स्थित गढ़वाल भवन में आयोजित उत्कृष्ट सम्मान समारोह 2026-27 में शिक्षा, खेल, कला और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 32 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा 25 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण के साथ समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
समारोह की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य आचार्य डॉ. नन्द किशोर भट्ट ने की। मुख्य अतिथि अश्वनी कुमार, असिस्टेंट सेक्रेटरी (एफिलिएशन), हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड तथा विशिष्ट मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. निशा, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (वाणिज्य), गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, अंबाला सिटी रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ।
मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मिला सम्मान
गढ़वाली संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में रंग भर दिए। कलाकार मिमांसा नेगी और अनुपम पुरोहित की प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली। इस अवसर पर सीबीएसई 12वीं कॉमर्स की टॉपर अधिश्री ध्यानी और विश्व योगासन चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता अभय मिश्रा को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं की उपलब्धियां समाज और देश का गौरव हैं तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
पूर्व सैनिकों का सम्मान, सभा ने जताया आभार![]()
समारोह में पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सभा के प्रधान राधाकृष्ण रतूड़ी और महासचिव विमल कोटियाल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गढ़वाल सभा भविष्य में भी शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करती रहेगी। कार्यक्रम में ट्राइसिटी के गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद्, समाजसेवी तथा बड़ी संख्या में गढ़वाली समाज के सदस्य मौजूद रहे।

