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Chandigarh Smart City : कूड़ा अलग-अलग नहीं किया तो कटेगा चालान, चंडीगढ़ में 4-डस्टबिन सिस्टम लागू

नगर निगम का सख्त निर्देश : गीला, सूखा, हानिकारक और मेडिकल कचरा अब अलग-अलग डिब्बों में डालना होगा। निगम आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया फैसला, जल्द शुरू होगी चेकिंग

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Chandigarh Smart City : चंडीगढ़ को और अधिक स्वच्छ व पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में नगर निगम (एमसी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के सभी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अब 4-डस्टबिन (चार कूड़ेदान) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया गया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी नागरिक या दुकानदार कचरे को अलग-अलग करके नहीं देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सीधा चालान काटा जाएगा।

मंगलवार को नगर निगम आयुक्त आईएएस अमित कुमार की अध्यक्षता में इस मुद्दे पर एक अहम बैठक हुई। इसमें विशेष आयुक्त आईएएस प्रदीप कुमार, संयुक्त आयुक्त डॉ. हिमांशु गुप्ता और संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। इसी बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया।

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इन चार डस्टबिन का करना होगा इस्तेमाल

नई व्यवस्था के तहत, स्रोत पर ही कचरे की छंटाई करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन तय किए गए हैं:

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  • हरा डस्टबिन: रसोई के गीले कचरे के लिए।

  • नीला डस्टबिन: कागज, प्लास्टिक और धातु जैसे सूखे कचरे के लिए।

  • काला डस्टबिन: घरेलू हानिकारक कचरे के लिए।

  • लाल डस्टबिन: बायोमेडिकल और सैनिटरी कचरे (मास्क, दस्ताने, एक्सपायर दवाइयां, पट्टियां आदि) के लिए।

लापरवाही बरतने पर खैर नहीं

नियमों को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू करने के लिए निगम जल्द ही सभी सेक्टरों में सघन जांच अभियान (चेकिंग ड्राइव) चलाएगा। कचरा मिलाकर फेंकने वाले दुकानदारों, प्रतिष्ठानों या घरों पर नगरपालिका प्रावधानों के तहत भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस नई पहल में सहयोग करें। इससे न केवल कचरा संग्रहण और रीसाइक्लिंग में आसानी होगी, बल्कि डंपिंग ग्राउंड पर पड़ने वाला बोझ भी काफी हद तक कम हो सकेगा।

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