GAMADA Notice : गमाडा के नोटिस से फेज-11 के दुकानदारों में रोष
घरों से छोटा कारोबार करने वालों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
GAMADA Notice : फेज-11 के एलआईजी और एमआईजी मकानों में छोटे स्तर पर दुकानें और कारोबार चला रहे लोगों को गमाडा की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद दुकानदारों में रोष है। नोटिस मिलने के बाद प्रभावित दुकानदारों ने शुक्रवार को बैठक कर अपनी चिंताओं पर चर्चा की और सरकार से हस्तक्षेप कर मामले का समाधान कराने की मांग की।
दुकानदारों का कहना है कि वे बड़े कारोबारी या पूंजीपति नहीं हैं। वे छोटी-छोटी दुकानें चलाकर और रोजाना मेहनत करके अपने परिवारों का गुजारा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इन दुकानों में बड़े स्तर का कारोबार नहीं होता, बल्कि सीमित साधनों के साथ छोटा-मोटा काम करके परिवारों की रोजी-रोटी चल रही है।
1984 के दंगा पीड़ित परिवारों का दिया हवाला
दुकानदारों ने कहा कि फेज-11 की अपनी अलग पृष्ठभूमि है। उनके अनुसार, इस इलाके में 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों को बसाया गया था। समय के साथ कई परिवारों ने रोजी-रोटी के लिए घरों से ही छोटे स्तर पर काम-धंधा शुरू कर लिया। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने अपने मकान आगे बेच भी दिए हैं, लेकिन यहां बड़े पूंजीपति आकर नहीं बसे, बल्कि आम परिवार ही रह रहे हैं।
गमाडा की ओर से जारी नोटिस में पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1995 की धाराओं का हवाला देते हुए संबंधित संपत्तियों में चल रही गतिविधि या उपयोग पर आपत्ति दर्ज की गई है। नोटिस में निर्धारित अवधि के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
10-15 साल पहले भी जारी हुए थे नोटिस
दुकानदारों का दावा है कि करीब 10 से 15 साल पहले भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए थे। उस समय सरकार के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था। अब दोबारा नोटिस मिलने से दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है।
बैठक में दुकानदारों ने सरकार से मांग की कि गमाडा की ओर से जारी नोटिसों का मामला जल्द सुलझाया जाए और उन्हें छोटा-मोटा कारोबार जारी रखने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें काम करने से रोका गया या दुकानों पर कार्रवाई की गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। दुकानदारों ने सरकार से इस मामले का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
: मोहाली के फेज-11 में बैठक करते दुकानदार।

