PGI चंडीगढ़ के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संदीप बंसल बने IASSA के राष्ट्रीय अध्यक्ष; 'स्लीप एपनिया' से निपटने के लिए पेश किया नया विजन
भविष्य की रणनीति: अनुसंधान और प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष जोर
चंडीगढ़: पीजीआईएमईआर (PGI) के ईएनटी (ENT) विभाग के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. संदीप बंसल ने 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स फॉर स्लीप एपनिया' (IASSA) के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के साथ ही डॉ. बंसल ने देश में तेजी से बढ़ रही 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया' (OSA) की समस्या को एक "खामोश महामारी" (Silent Epidemic) करार दिया और इससे निपटने के लिए एक व्यापक व सहयोगात्मक विजन पेश किया।
स्लीप एपनिया: केवल खर्राटे नहीं, शरीर के लिए गंभीर खतरा
डॉ. बंसल ने चेतावनी दी कि स्लीप एपनिया को अक्सर मामूली खर्राटे समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि इसके परिणाम हृदय (Cardiovascular), चयापचय (Metabolic) और तंत्रिका संबंधी (Neurocognitive) रोगों के रूप में सामने आ सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ओएसए (OSA) का प्रबंधन अब किसी एक चिकित्सा विशेषज्ञता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए उन्होंने एक 'स्ट्रक्चर्ड इंटरडिसिप्लिनरी मॉडल' की वकालत की, जिसमें ईएनटी सर्जन, पल्मोनोलॉजिस्ट, स्लीप फिजिशियन, मैक्सिलोफेशियल सर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट और एनेस्थिसियोलॉजिस्ट को मिलकर एक मंच पर आना होगा ताकि मरीजों को समग्र और केंद्रित उपचार मिल सके।
भविष्य की रणनीति: अनुसंधान और प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष जोर
अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. बंसल की प्राथमिकता साक्ष्य-आधारित प्रोटोकॉल (Evidence-based protocols), सहयोगात्मक अनुसंधान और मानकीकृत सर्जिकल पाथवे को बढ़ावा देना होगी। इसके साथ ही, युवा चिकित्सकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म तैयार करना और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियों को मजबूत करना उनके मुख्य लक्ष्यों में शामिल है। उन्होंने इस नई जिम्मेदारी के लिए आभार व्यक्त करते हुए संकल्प लिया कि वे नवाचार और नैदानिक उत्कृष्टता के माध्यम से भारत में स्लीप मेडिसिन और स्लीप सर्जरी के मानकों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

