PU चंडीगढ़ के डा. केवल कृष्ण दुनिया के शीर्ष 11 फोरेंसिक वैज्ञानिकों में शामिल
Top Forensic Scientists: दुनिया भर के 15 हजार से ज्यादा फोरेंसिक वैज्ञानिकों की सूची में मिली जगह, अब तक 422 शोध पत्र हो चुके हैं प्रकाशित चंडीगढ़
Top Forensic Scientists: पंजाब यूनिवर्सिटी के मानव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और पूर्व अध्यक्ष डा. केवल कृष्ण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और ट्राई सिटी का नाम रोशन किया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की ओर से जारी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, डा. केवल कृष्ण को फोरेंसिक साइंस रिसर्च में दुनिया भर में 11वां स्थान मिला है। इस वैश्विक मूल्यांकन में वह भारत से शीर्ष स्थान हासिल करने वाले फोरेंसिक वैज्ञानिक बन गए हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल पंजाब यूनिवर्सिटी बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
रिसर्च पेपर और साइटेशन के आधार पर मिली रैंकिंग
यह रैंकिंग शोध पत्रों के प्रकाशन, उनके साइटेशन और स्कोपस एच-इंडेक्स जैसे कई कड़े मापदंडों के आधार पर तैयार की गई है। डा. केवल कृष्ण को लीगल एंड फोरेंसिक मेडिसिन श्रेणी में दुनिया के 15 हजार 9 फोरेंसिक वैज्ञानिकों के बीच 11वें स्थान पर रखा गया है।
डा. कृष्ण एक प्रसिद्ध फोरेंसिक वैज्ञानिक हैं, जिनका शोध मानव शरीर रचना और उसके फोरेंसिक अनुप्रयोगों के कई पहलुओं तक फैला हुआ है। उन्होंने फिंगरप्रिंट विश्लेषण, मानव चेहरे के पुनर्निर्माण, पैरों के निशान, कानों के निशान, हस्ताक्षर प्रमाणीकरण और फोरेंसिक विज्ञान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण में बेहतरीन काम किया है।
नेचर और द लांसेट में छप चुके हैं 422 शोध पत्र
अपने लंबे करियर में डा. कृष्ण ने फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में गहरा प्रभाव डाला है। अब तक उनके 422 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं, जिन्हें 1 लाख 50 हजार से अधिक बार साइट किया जा चुका है। उनके शोध पत्र नेचर और द लांसेट जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। इसके अलावा वह कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स के संपादकीय बोर्ड में भी शामिल हैं और वैश्विक प्रकाशकों के फोरेंसिक विज्ञान विश्वकोश में अपना योगदान दे चुके हैं।
इस मौके पर डा. कृष्ण ने पंजाब यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर रेणु विग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में अत्याधुनिक शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाला शानदार माहौल है। डा. कृष्ण ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी उच्च स्तरीय नवाचार के लिए बेहतरीन शोध सुविधाएं प्रदान करती है। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित किया कि वे इस बुनियादी ढांचे का लाभ उठाएं और दुनिया के प्रमुख जर्नल्स में अपने शोध प्रकाशित करवाएं।

