शिक्षा जगत में उपलब्धि : PGGC-11 की डॉ. करुणा बब्बर को 'एकेडमिक अचीवर्स अवॉर्ड
मोहाली के ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट में 'सोदशी 4.0' के दौरान मिला सम्मान, 18 वर्षों का है शानदार रिसर्च व टीचिंग अनुभव
ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की ओर से 13 मार्च को 'सोदशी 4.0 - महिलाओं की अजेय भावना के लिए एक स्तुति' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करना था। इस मौके पर चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज (पीजीजीसी) की असिस्टेंट प्रोफेसर (इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) डॉ. करुणा बब्बर को उत्कृष्ट योगदान के लिए 'एकेडमिक अचीवर्स अवॉर्ड' से नवाजा गया। कॉलेज के आईक्यूएसी (IQAC) की सिफारिश पर उन्हें यह सम्मान इंस्टीट्यूट नॉमिनेशन कैटेगरी के तहत प्रदान किया गया है।
आईटी और साइबर सिक्योरिटी में अहम योगदान
डॉ. करुणा बब्बर के पास रिसर्च और टीचिंग का 18 साल से अधिक का अनुभव है। हाल ही में उन्होंने "साइबर सिक्योरिटी की ज़रूरी बातें: हमारे डिजिटल भविष्य की सुरक्षा" नामक एक महत्वपूर्ण पुस्तक भी लिखी है। इससे पूर्व साल 2021 में आईटी और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन में योगदान के लिए पीजीआईएमईआर (PGIMER), चंडीगढ़ के ‘सेंटर फॉर इनोवेशन एंड बायो-डिज़ाइन’ ने भी उन्हें सम्मानित किया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. करुणा का उल्लेखनीय योगदान रहा है। साल 2021 में 'एशियन जर्नल ऑफ रिसर्च इन कंप्यूटर साइंस' ने उन्हें मैन्युस्क्रिप्ट्स रिव्यू के लिए आमंत्रित किया था। इसके अलावा चीन के क्वानझोउ में 'मॉडर्न मैनेजमेंट और बिग डेटा (MMBD 2021)' विषय पर आयोजित दूसरे इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पीयर रिव्यूअर की भूमिका निभाई थी। हाल ही में 15 फरवरी 2024 को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' पर हुए इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कीनोट एड्रेस दिया। डॉ. करुणा अब तक 30 से अधिक रिसर्च पेपर पेश करने के साथ-साथ कॉलेज स्तर पर कई सेमिनार व वर्कशॉप आयोजित करवा चुकी हैं।

