डॉ. जयदीप आर्य बोले- योग से सशक्त होंगे बौद्धिक दिव्यांग बच्चे, मिलेगा प्रतिस्पर्धात्मक मंच
Yoga Conference: योग बनेगा समावेशी सशक्तिकरण का आधार, सम्मेलन में विशेषज्ञों ने रखे विचार
Yoga Conference: योग आयोग हरियाणा व गवर्नमेंट रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज यानी ग्रिड, चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में‘योग द्वारा सशक्तिकरण: बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के जीवन को सुदृढ़ बनाना’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आज संपन्न हुआ।
सम्मेलन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, अमेरिका के डॉ. सतबीर खालसा ने योग के वैज्ञानिक प्रभावों—विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य, न्यूरोकॉग्निटिव विकास एवं भावनात्मक संतुलन—पर अपने शोध केंद्रित विचार प्रस्तुत किए।
चंडीगढ़ के सेक्टर 31 स्थित ग्रिड के मुख्यालय में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के जीवन को बेहतर बनाना विषय पर आयोजित सम्मेलन का समापन आज गहन विचार-विमर्श एवं प्रभावशाली तकनीकी सत्रों के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में स्पेशल ओलंपिक्स भारतीय बोर्ड सदस्य एवं पूर्व दिव्यांगता आयुक्त, मध्य प्रदेश दीपांकर बनर्जी, उपस्थित रहे। सम्मेलन में योग को बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण के लिए एक प्रभावी एवं वैज्ञानिक माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए, हरियाणा योग आयोग अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि योग को रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रशिक्षण, पंजीकरण एवं क्रेडिट ढांचे तथा स्पेशल ओलंपिक्स में खेल के रूप में शामिल किया जाए। जिससे बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को एक समावेशी प्रतिस्पर्धात्मक मंच मिलेगा।
अन्य प्रमुख वक्ताओं में डॉ. मधु पंडित, डॉ. डेज़ी जराबी, डॉ. आर. गिरिधरन, डॉ. ज्योति आर्य एवं प्रो. सपना नंदा शामिल रहे, जिन्होंने योग, आयुर्वेद एवं समावेशी शिक्षा के विभिन्न आयामों पर विचार रखे। वहीं सुश्री अल्पना गौतम एवं योग थेरेपिस्ट मनीषा शर्मा द्वारा योगासन एवं श्वसन अभ्यासों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विचार रखे। ग्रिड स्कूल प्रिंसिपल, अनिल कुमार, रजिस्ट्रार, हरियाणा योग आयोग राजकुमार आयोग के सदस्यों से डॉ. जसप्रीत कौर एवं श्रीमती मोनिका, आयोग के सदस्य, डॉ. मनीष कुकरेजा एवं श्री पंकज बख्शी की आयोजन में सक्रिय भागेदारी रही।

