धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज का 50वां स्थापना दिवस: 250 बिस्तरों का नया अस्पताल जल्द, पीजीआई रेट पर होगा पेट (PET) स्कैन
Dhanwantari Ayurvedic College : स्वर्ण जयंती पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया नए शैक्षणिक ब्लॉक का उद्घाटन, जनरल सेक्रेटरी नरेश मित्तल ने दैनिक ट्रिब्यून से साझा कीं भविष्य की योजनाएं
Dhanwantari Ayurvedic College : चंडीगढ़ के सेक्टर-46 स्थित श्री धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल मंगलवार को अपना स्वर्ण जयंती महोत्सव मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संस्थान के नए शैक्षणिक ब्लॉक का उद्घाटन करेंगे। 50 वर्षों के इस शानदार सफर को लेकर कॉलेज प्रबंधन समिति के जनरल सेक्रेटरी नरेश मित्तल ने 'दैनिक ट्रिब्यून' के साथ खास बातचीत में संस्थान की भविष्य की विस्तार योजनाओं को साझा किया।
11 सदस्यों की सोच बनी वटवृक्ष
नरेश मित्तल ने बताया कि 50 साल पहले 11 सदस्यों की सोच के साथ जो बीज बोया गया था, वह आज एक वटवृक्ष बन चुका है। यह चंडीगढ़ का इकलौता आयुर्वेदिक संस्थान है, जो देश के सर्वश्रेष्ठ निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों में गिना जाता है। वर्तमान में कॉलेज में 100 यूजी (UG) सीटें हैं और जल्द ही पीजी (PG) सीटों में इजाफा करने के साथ-साथ पीएचडी व पैरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग भी शुरू करने की योजना है।
सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं और 250 बिस्तरों का नया अस्पताल
मरीजों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं देने के लिए संस्थान में 250 बिस्तरों के नए अस्पताल का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके अगले एक-दो साल में पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। मित्तल ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की जांच के लिए बाजार में 20 से 22 हजार रुपये में होने वाला पेट (PET) स्कैन, नए अस्पताल के शुरू होने पर यहां पीजीआई (PGI) की दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, संस्थान में गर्भवती महिलाओं की नॉर्मल और सिजेरियन डिलीवरी मुफ्त की जा रही है। नवजातों के लिए एनआईसीयू (NICU) बेहद कम दरों पर उपलब्ध है और टीकाकरण भी निशुल्क है। टीबी के मरीजों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
केंद्र से 10 करोड़ की ग्रांट और ग्रामीण स्वास्थ्य का विजन
कोविड महामारी के बाद आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। इसे देखते हुए भारत सरकार ने संस्थान को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्पाइन मैनेजमेंट' बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये की ग्रांट दी है। यह प्रोजेक्ट अगले डेढ़ साल में पूरा हो जाएगा। मित्तल के अनुसार, यहां वैश्विक स्तर की रिसर्च हो रही है और इससे बनने वाले उत्पादों पर सरकार व कॉलेज का पेटेंट है। वर्तमान में रोजाना 300 से 350 मरीजों की ओपीडी हो रही है और 125 बिस्तरों का इनडोर अस्पताल चल रहा है, जिसका जनरल वार्ड मुफ्त है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बीएएमएस (BAMS) डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग देकर गांवों में नियुक्त किया जाए, ताकि आम आदमी को झोलाछाप डॉक्टरों से बचाया जा सके।

