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PGI चंडीगढ़ में ऑर्थोपेडिक्स विभाग अब ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग

पीजीआई में विभाग का नाम बदला, एमएस की डिग्री और विभाग के काम के व्यापक दायरे को देखते हुए किया गया बदलाव

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PGIMER Orthopaedic Surgery : पीजीआईएमईआर के ऑर्थोपेडिक्स विभाग का नाम अब डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जरी होगा। संस्थान ने विभाग के नाम में यह बदलाव किया है। पीजीआई के अनुसार नया नाम विभाग में होने वाले इलाज, सर्जरी, प्रशिक्षण और शोध के मौजूदा स्वरूप को अधिक सही तरीके से दर्शाता है।

ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों का काम अब केवल हड्डी टूटने या सामान्य हड्डी संबंधी बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है। विभाग में जोड़ बदलने और उनकी सर्जरी, दुर्घटना में लगी चोटों का इलाज, खेलों से जुड़ी चोटों की सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, बच्चों की हड्डियों से जुड़ी सर्जरी, हड्डियों के कैंसर का इलाज और अंगों के पुनर्निर्माण जैसी सेवाएं शामिल हैं।

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एमएस की डिग्री के अनुरूप बदला नाम

पीजीआईएमईआर में ऑर्थोपेडिक सर्जरी की स्नातकोत्तर डिग्री मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) इन ऑर्थोपेडिक सर्जरी है। विभाग के अनुसार इसी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विभाग का नाम बदलने का फैसला किया गया है। दुनिया के कई बड़े चिकित्सा संस्थानों में भी ऑर्थोपेडिक विभागों के नाम में ‘ऑर्थोपेडिक सर्जरी’ का इस्तेमाल किया जाता है।

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ऑर्थोपेडिक सर्जरी में नई तकनीकों का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। इनमें रोबोटिक सर्जरी, कम चीरे वाली सर्जरी और कंप्यूटर आधारित उपचार योजना शामिल हैं। पीजीआई का विभाग इलाज के साथ चिकित्सा शिक्षा और शोध में भी काम कर रहा है।

विभागाध्यक्ष प्रो. विजय जी. गोनी ने कहा कि यह विशेषज्ञता की वास्तविक पहचान को दर्शाने वाला लंबे समय से अपेक्षित बदलाव है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों को ऑर्थोपेडिक सर्जन के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है और उनकी डिग्री भी एमएस इन ऑर्थोपेडिक सर्जरी है। नए नाम से विभाग की पहचान और उसकी शैक्षणिक योग्यता में बेहतर तालमेल होगा।

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