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Cyber Fraud : सोशल मीडिया पर तांत्रिक-मौलवी का जाल, डर दिखाकर 40 लाख की साइबर ठगी

चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

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Cyber Fraud : सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक समाधान और घरेलू परेशानियों के इलाज के दावों के पीछे छिपे एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। Chandigarh Police चंडीगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने तांत्रिक और मौलवी बनकर महिलाओं को निशाना बनाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने करीब 40 लाख रुपये और सोने के गहनों की ठगी की।

यह कार्रवाई गीतांजलि खंडेलवाल, एसपी साइबर के नेतृत्व में की गई। अभियान को डीएसपी साइबर क्राइम एवं आईटी ए. वेंकटेश के मार्गदर्शन और सेक्टर 17 स्थित साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर एरम रिजवी की निगरानी में अंजाम दिया गया।

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मानसिक तनाव को बनाया हथियार

पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़िता पारिवारिक विवादों के कारण मानसिक तनाव में थी। इसी दौरान फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखे विज्ञापनों के जरिए उसका संपर्क ऐसे लोगों से हुआ, जो खुद को तांत्रिक बाबा और मौलवी बताकर निजी, घरेलू और भावनात्मक समस्याओं के समाधान का दावा कर रहे थे।

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आरोपी और उसके एक साथी ने फर्जी धार्मिक पहचान बनाकर पहले भरोसा जीता, फिर कथित तांत्रिक बाधा, अनहोनी और गंभीर नुकसान का डर दिखाकर पीड़िता से लगातार पैसे ऐंठे।

किस्तों में रकम, फिर गहनों पर नजर

फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच पीड़िता से कई बार अलग अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इसके अलावा चंडीगढ़ में उससे करीब 150 ग्राम सोने के गहने भी ले लिए गए। पुलिस के अनुसार ऑनलाइन लेनदेन और गहनों सहित कुल ठगी की राशि लगभग 40 लाख रुपये है।

तकनीकी साक्ष्यों से खुला पूरा खेल

साइबर क्राइम पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों के केवाईसी दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के दो खाते आरोपी के नाम पर पाए गए, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम हासिल करने में किया गया।

चार फरवरी 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद राजस्थान के झुंझुनूं में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान एक वीवो मोबाइल फोन और एक आईफोन 16 प्रो बरामद हुआ, दोनों में सक्रिय सिम कार्ड लगे थे। इन नंबरों का इस्तेमाल फर्जी मौलवी बरखत खान और दिलबर शाह के नाम से किया जा रहा था।

पूछताछ में कबूलनामा

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर फर्जी धार्मिक विज्ञापन डालता था। महिलाओं को पहले छोटी रकम देने के लिए तैयार किया जाता, फिर डर, धमकी और तथाकथित तांत्रिक खतरे दिखाकर बार बार पैसे और गहने ऐंठे जाते थे। ठगी की रकम दोनों के बीच बराबर बांटी जाती थी।

साइबर क्राइम पुलिस की अपील

चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले तांत्रिक, मौलवी या किसी भी तरह के चमत्कारी समाधान के दावों से सतर्क रहें। डर दिखाकर या जल्द भुगतान का दबाव बनाकर पैसे मांगना साइबर ठगी का बड़ा संकेत है। ऐसे मामलों की तुरंत सूचना नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन या cybercrime.gov.in पर दें।

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