Cultural Dialogue : हरियाणा-जम्मू कश्मीर संवाद 3: छात्रों ने साझा किए अनुभव, सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा मीडिया छात्र संगठन की ओर से पंचकूला स्थित अकादमी के महाराजा दाहिर सेन सभागार में सोमवार को ‘हरियाणा–जम्मू कश्मीर संवाद 3’ का आयोजन किया गया। इस संवाद कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर से हरियाणा की...
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा मीडिया छात्र संगठन की ओर से पंचकूला स्थित अकादमी के महाराजा दाहिर सेन सभागार में सोमवार को ‘हरियाणा–जम्मू कश्मीर संवाद 3’ का आयोजन किया गया। इस संवाद कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर से हरियाणा की अध्ययन यात्रा पर आए करीब 35 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने की। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों के बीच ऐसे संवाद कार्यक्रम निरंतर चलते रहने चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अपनी जड़ों से जुड़कर भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति को समृद्ध करना आज की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में मौलिक प्रतिभा का विकास उनकी मातृभाषा के माध्यम से ही बेहतर ढंग से होता है। श्रीनगर और जम्मू के बीच रेल संपर्क स्थापित होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे जम्मू कश्मीर के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
विद्यार्थियों से अपील करते हुए उन्होंने समाज विज्ञान के क्षेत्र में मौलिक शोध की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि इतिहास व साहित्य लेखन में कश्मीर का विशेष स्थान रहा है। इस अवसर पर मीडिया छात्र संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने अध्ययन यात्रा दल के उद्देश्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरियाणा सरकार की पहल का स्वागत किया।
संस्कृत प्रकोष्ठ के निदेशक चितरंजन दयाल सिंह कौशल ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा की समृद्धि में छात्र छात्राओं की भूमिका अहम है। उन्होंने जम्मू कश्मीर की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे और आगे बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम में छात्र नेता राबिना और बुरहान ने भी अध्ययन यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन विजेंद्र कुमार ने किया।

