सेक्टर-17 बस अड्डे पर सीटीयू कैश ब्रांच से 13.13 लाख रुपये चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी यह सीटीयू का ही सब-इंस्पेक्टर है जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है। पहले सुरक्षा गार्ड गौरव रावत की भूमिका पर संदेह जताया गया था, लेकिन जांच में उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई है लेकिन बाद में आरोपी वेदपाल निकला। घटना मंगलवार तड़के हुई थी जिसमें सीटीयू के कैशियर जीरकपुर निवासी प्रदीप कुमार कैश ब्रांच में चोरी होने की सूचना दी गई थी। जांच में सामने आया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक की नाइट शिफ्ट में सुरक्षा गार्ड गौरव रावत की ड्यूटी थी। सुरक्षा गार्ड के अनुसार, तड़के करीब 3:30 बजे एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में चेहरा ढके हुए मुख्य दरवाजे पर आया। उसने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और रिकॉर्ड रूम में अवैध गतिविधियों की जांच की बात कही। तैनात अधिकारियों के नाम भी बताए, जिससे गार्ड को शक नहीं हुआ।गार्ड ने उस शख्य के कहने पर रिकॉर्ड रूम की चाबी अलमारी से निकालकर दरवाजा खोल दिया। इसके बाद उस शख्स ने सुरक्षा गार्ड को रिकॉर्ड रूम में बंद कर दिया और कैश ब्रांच में जाकर लाकर की चाबी से 13 लाख 13 हजार रुपये चोरी कर लिए। घटना का खुलासा करीब 4:30 बजे हुआ, जब कंडक्टर सुशीला देवी ड्यूटी पर पहुंचीं। उन्होंने कैश ब्रांच का दरवाजा खुला पाया और बाद में रिकॉर्ड रूम से बंद सुरक्षा गार्ड को बाहर निकाला। इसके बाद प्रदीप कुमार ने सेक्टर-17 थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें शुरुआत में सुरक्षा गार्ड की भूमिका पर संदेह जताया गया। जांच के बाद सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया है।