CII Meeting : ‘कनेक्टिंग चंडीगढ़ टू द वर्ल्ड’ विषय पर मंथन, डेटा-आधारित प्रणालियों को अपनाने पर जोर
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो रहा चंडीगढ़ : डॉ.करण अवतार सिंह
CII Meeting : भारतीय उद्योग परिसंघ चंडीगढ़ यूटी द्वारा शुक्रवार को सेक्टर-31 स्थित उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय में ‘कनेक्टिंग चंडीगढ़ टू द वर्ल्ड’ विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। ‘बिल्डिंग अ न्यू लेगेसी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस’ थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ को एक वैश्विक और भविष्य के लिए तैयार शहर के रूप में विकसित करने पर विचार साझा किए गए।
प्रशासन के केंद्र में हों नागरिक
सत्र को संबोधित करते हुए पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. करण अवतार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे प्रशासनिक मॉडल की आवश्यकता है, जिसके केंद्र में नागरिक हों। उन्होंने डिजिटल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित प्रणालियों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से शहरी नियोजन, टिकाऊ गतिशीलता और ऊर्जा प्रबंधन में बड़े सुधार किए जा सकते हैं। इससे न केवल सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
रिसर्च पार्क और ग्लोबल यूनिवर्सिटी का सुझाव
डॉ. करण अवतार सिंह ने चंडीगढ़ की क्षमता पर चर्चा करते हुए कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचे और बेहतरीन प्रतिभा के दम पर यह शहर भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने सुझाव दिया कि चंडीगढ़ में एक 'ग्लोबल मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिवर्सिटी' और 'रिसर्च पार्क' की स्थापना होनी चाहिए। इससे शहर में नवाचार (इन्नोवेशन) का ऐसा ईकोसिस्टम तैयार होगा, जिससे दुनिया भर के लोग यहां सीखने और काम करने के लिए प्रेरित होंगे।
नई परिषद की पहली बैठक
सीआईआई चंडीगढ़ यूटी के चेयरमैन और एगनेक्स्ट टेक्नोलॉजीज के सीईओ तरणजीत सिंह भामरा ने भी सत्र के दौरान अपने विचार रखे। उन्होंने तकनीक और स्थिरता के समन्वय को शहर के विकास के लिए अनिवार्य बताया। कार्यक्रम के अंत में वर्ष 2026-27 के लिए नवनिर्वाचित सीआईआई चंडीगढ़ यूटी परिषद की पहली औपचारिक बैठक भी संपन्न हुई।

