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Chronic Pain Care: दर्द से राहत की मुहिम को मिला सम्मान, PGIMER की प्रो. बबीता घई को कमेंडेशन अवॉर्ड

नगर निगम चंडीगढ़ ने क्रॉनिक पेन केयर और सामुदायिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए किया सम्मानित; ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लगाए नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं दर्द राहत शिविर

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Chronic Pain Care: PGIMER की प्रोफेसर एवं एनेस्थीसिया एंड इंटेंसिव केयर विभाग की पेन क्लिनिक की प्रभारी प्रो. बबीता घई को क्रॉनिक पेन केयर और सामुदायिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए नगर निगम चंडीगढ़ ने कमेंडेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया है। प्रो. घई ने विशेषज्ञ दर्द उपचार को अस्पताल से बाहर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंचाने के लिए पिछले एक वर्ष के दौरान कई नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं दर्द राहत शिविर आयोजित किए।

इन शिविरों में क्रॉनिक दर्द से पीड़ित लोगों को चिकित्सा परामर्श, स्क्रीनिंग, दवाइयां और दर्द प्रबंधन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई। उनकी पहल केवल शिविरों तक सीमित नहीं रही। शिविरों के बाद उनकी टीम ने संबंधित समुदायों में नि:शुल्क योग कक्षाएं भी आयोजित कीं, ताकि लोग लंबे समय तक दर्द प्रबंधन और स्वयं की देखभाल के तरीके अपना सकें।

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पीठ दर्द के लिए विकसित किया साक्ष्य आधारित योग प्रोटोकॉल

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प्रो. बबीता घई ने क्रॉनिक लोअर बैक पेन के लिए साक्ष्य आधारित योग प्रोटोकॉल विकसित किया है। उन्होंने आम लोगों के लिए हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी में ‘बैक केयर’ बुकलेट भी तैयार की हैं। इन बुकलेट के माध्यम से लोगों को दर्द से बचाव, पीठ की देखभाल और स्वयं स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

उनकी हिंदी ‘बैक केयर’ बुकलेट को स्वास्थ्य जागरूकता में हिंदी के योगदान के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय हिंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

आईसीएमआर के सहयोग से सामुदायिक शोध

प्रो. घई का कार्य सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा के साथ शोध से भी जुड़ा है। उन्होंने आईसीएमआर द्वारा वित्त पोषित सामुदायिक शोध में क्रॉनिक लोअर बैक पेन की व्यापकता, उसके प्रभाव और इससे जुड़े मनोसामाजिक परिणामों का अध्ययन किया है। इस शोध ने क्रॉनिक दर्द के उपचार में मरीज के समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को सामने रखा।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रो. घई National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) के पेन मेडिसिन विशेषज्ञ बोर्ड की सदस्य हैं। वह पेन मेडिसिन में संरचित स्नातकोत्तर प्रशिक्षण के विकास और उसे आगे बढ़ाने से जुड़े कार्यों में योगदान दे रही हैं।

करीब 150 वैज्ञानिक शोध प्रकाशन

प्रो. बबीता घई के पेशेवर योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वह International Association for the Study of Pain (IASP) में कई नेतृत्वकारी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ समूहों तथा गाइडलाइन तैयार करने से जुड़े कार्यों में भी योगदान दे चुकी हैं।

प्रो. घई के करीब 150 वैज्ञानिक शोध प्रकाशन हैं। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिल चुके हैं।

नगर निगम चंडीगढ़ का कमेंडेशन अवॉर्ड प्रो. घई की उस पहल को मान्यता देता है, जिसके तहत विशेषज्ञ पेन केयर को अस्पताल से बाहर समुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। PGIMER के अनुसार, यह पहल स्वास्थ्य सेवा, शोध और शिक्षा को समाज और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के संस्थान के उद्देश्य के अनुरूप है।

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