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PGI Sarangpur Flyover Project: चंडीगढ़ में सारंगपुर फ्लाईओवर परियोजना को मिली रफ्तार, इसी साल शुरू हो सकता है निर्माण कार्य

PGI Sarangpur Flyover Project:  पीजीआई से सारंगपुर तक बनेगा 1.3 किलोमीटर लंबा फोरलेन फ्लाईओवर, खु़डा लाहौरा मार्ग पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

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सांकेतिक फाइल फोटो।
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PGI Sarangpur Flyover Project:  चंडीगढ़ में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित सारंगपुर फ्लाईओवर परियोजना को गति मिलती नजर आ रही है। अधिकारियों के अनुसार पीजीआई से सारंगपुर तक बनने वाले फ्लाईओवर का निर्माण कार्य इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के सलाहकार ने इसकी व्यवहार्यता रिपोर्ट (फिजिबिलिटी रिपोर्ट) संबंधित विभागों को सौंप दी है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। डीपीआर पूरी होने के बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।

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अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 80 करोड़ रुपये होगी, जो पहले तय अनुमानित लागत 90 करोड़ रुपये से लगभग 10 करोड़ रुपये कम है।

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पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पीजीआई से सारंगपुर तक फोरलेन फ्लाईओवर निर्माण की घोषणा की थी।

करीब 1.3 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर के निर्माण से खु़डा लाहौरा मार्ग पर लगने वाले लगातार ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। यह इलाका शहर के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले मार्गों में शामिल माना जाता है।

चंडीगढ़ हेरिटेज कन्जर्वेशन कमेटी (सीएचसीसी) ने परियोजना पर कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन इंजीनियरिंग विभाग को सुझाव दिया कि फ्लाईओवर को शहर के सेक्टोरल ग्रिड से बाहर रखते हुए गांव की ओर शिफ्ट किया जाए ताकि शहर की विरासत संरचना प्रभावित न हो।

वहीं, यूटी रोड सेफ्टी कमेटी ने भी पीजीआईएमईआर से सारंगपुर स्थित बॉटनिकल गार्डन तक फ्लाईओवर निर्माण की सिफारिश की थी। समिति ने शहर के पांच सबसे अधिक जाम वाले क्षेत्रों की पहचान की थी, जिनमें खु़डा लाहौरा रोड को सबसे गंभीर ट्रैफिक बाधा वाला क्षेत्र बताया गया।

समिति की रिपोर्ट के अनुसार, फुटपाथों की कमी, स्कूल के पास पार्किंग, अतिक्रमण, खराब जल निकासी व्यवस्था और सड़क के बीचोंबीच ऑटो-रिक्शा के रुकने से यहां अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। इसके अलावा तीखे कट पर वाहनों के यू-टर्न लेने से यातायात और बाधित होता है।

ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए समिति ने फ्लाईओवर निर्माण के साथ-साथ फुटपाथ निर्माण, अतिक्रमण हटाने और मुल्लांपुर की ओर जाने वाली सड़क को 200 फीट तक चौड़ा करने जैसे सुझाव भी दिए हैं।

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