चंडीगढ़ में CHB की 'नीड बेस्ड' पॉलिसी में बड़ा बदलाव, प्रशासक ने दी नई नीति को मंजूरी; जानें आप पर क्या होगा असर
नियमों में स्पष्टता आने से भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर लगाम लगेगी
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के मकानों में रहने वाले हजारों आवंटियों के लिए राहत भरी खबर है। यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने ‘नीड बेस्ड चेंजेज’ (जरूरत के अनुसार बदलाव) की संशोधित नीति को लागू करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और शहर की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
क्यों बदली गई पॉलिसी ?
यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि इसके पीछे दो बड़े कारण हैं:
10 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ के फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को फ्रीज (स्थिर) करने का निर्देश दिया था।
जनता की मांग: शहर के निवासियों और विभिन्न संगठनों ने पुराने नियमों में व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर प्रशासन को कई सुझाव दिए थे।
जो आपके लिए जानना जरूरी है
प्रशासक की मंजूरी के बाद अब चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड निम्नलिखित बदलावों को लागू करेगा:
तत्काल प्रभाव से लागू: 3 जनवरी 2023 के आदेश की प्रमुख धाराओं (2-21, 24 और 26-28) को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमों में स्पष्टता: अब मकानों में किए गए बदलावों को लेकर किसी भी तरह का भ्रम नहीं रहेगा। विधिक प्रावधानों के तहत आवंटियों की चिंताओं का समाधान होगा।
नियोजन मानकों का सम्मान: नई नीति इस तरह तैयार की गई है कि चंडीगढ़ के मास्टर प्लान और खूबसूरती (Planning Norms) से कोई समझौता न हो।
एक नजर में: क्या होगा इसका लाभ?
नियमों में स्पष्टता आने से भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर लगाम लगेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप होने से अब कानूनी अड़चनें पैदा नहीं होंगी।
वर्षों से 'नीड बेस्ड' बदलावों को नियमित कराने का इंतजार कर रहे लोगों को अब राहत मिलेगी।
यह निर्णय नियोजन मानकों के अनुरूप पारदर्शिता और स्पष्टता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समिति ने गहराई से समीक्षा करने के बाद ही इन संशोधनों की अनुशंसा की थी।

