Chandigarh school bomb threat : चंडीगढ़ को दहलाने की धमकी देने वाला गुजरात से काबू; जानिए पुलिस ने कैसे तोड़ा अभेद्य वीपीएन का जाल
एसएसपी कंवरदीप कौर का खुलासा- पिछले तीन हफ्तों में आए दो और ईमेल की जांच जारी, पंजाब-हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी पर भी बड़ा प्रहार
Chandigarh bomb threat : चंडीगढ़ के नामी स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी देकर शहर की शांति और सुरक्षा को चुनौती देने वाले के गिरेबान तक आखिरकार पुलिस के हाथ पहुंच ही गए। चंडीगढ़ पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए गुजरात से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर ने एक प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले की जानकारी साझा की। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि पिछले तीन हफ्तों के भीतर पुलिस को दो और इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले हैं, जिनकी बेहद गंभीरता से जांच की जा रही है।
वीपीएन से आ रही अड़चन, साइबर सेल की जांच तेज
एसएसपी ने बताया कि आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। अपराधी अपनी पहचान और आईपी एड्रेस छिपाने के लिए वीपीएन जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उन्हें तुरंत ट्रेस करने में साइबर सेल को भारी मशक्कत करनी पड़ी। आईपी एड्रेस बार-बार विदेशों के सर्वर पर दिखने की वजह से डिजिटल फुटप्रिंट हासिल करना काफी जटिल हो गया था। हालांकि, पुलिस टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर और इंटरनेट कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है और गुजरात से हुई गिरफ्तारी के बाद हालिया मामलों को भी जल्द सुलझा लिया जाएगा।
पंजाब-हरियाणा के साथ मिलकर हथियारों पर प्रहार
गैंगस्टर नेटवर्क और अंतरराज्यीय अपराधों पर बात करते हुए एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल है। इसी समन्वय के चलते पिछले एक महीने में चलाए गए संयुक्त अभियानों में 15 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं और कई गिरफ्तारियां हुई हैं। युवाओं और बच्चों को सोशल मीडिया के जरिए गैंगस्टरों द्वारा आकर्षित करने के मामलों पर पुलिस का डेडिकेटेड सोशल मीडिया सेल पैनी नजर रखे हुए है। तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर फिशिंग करने वाले ऐसे हैंडलर्स को ट्रेस कर गिरफ्तार किया जा रहा है।
चंडीगढ़ और ट्राई सिटी में कब-कब मिलीं स्कूलों को धमकियां? जानें पूरा ब्योरा
चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों (ट्राई सिटी) में पिछले कुछ महीनों से लगातार ऐसे धमकी भरे ईमेल भेजे जा रहे हैं, जिससे दहशत का माहौल है। इसका तारीखवार ब्योरा इस प्रकार है:
28 जनवरी, 2026: चंडीगढ़ के लगभग 26 सरकारी और निजी स्कूलों को एक साथ ईमेल भेजकर दोपहर 1:11 बजे बम धमाके करने की धमकी दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी से जांच की जो बाद में महज अफवाह साबित हुई।
9 फरवरी, 2026: पंचकूला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल आईडी पर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली।
11 फरवरी, 2026: मोहाली, जीरकपुर और खरड़ के करीब 16 से 18 निजी स्कूलों को सुबह-सुबह मानव बम हमले की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूलों को तुरंत खाली कराना पड़ा।
17 फरवरी, 2026: मोहाली के कुछ स्कूलों के साथ-साथ इस बार प्रतिष्ठित फोर्टिस अस्पताल को भी उड़ाने की धमकी दी गई।
6 अप्रैल, 2026: चंडीगढ़ के तीन प्रमुख निजी स्कूलों सहित कई सरकारी भवनों को एक बार फिर से बम धमाके की धमकी मिली।
16-17 अप्रैल, 2026: चंडीगढ़ के 9 बड़े स्कूलों के साथ ही चंडीगढ़ सचिवालय, चंडीगढ़ एयरपोर्ट और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सरकारी आवास को भी बम से उड़ाने की ईमेल भेजी गई।
'जॉम्बी' बने युवक का खुला राज, हेरोइन के नशे में हुआ था सुन्न
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर 'जॉम्बी ड्रग' के नाम से वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई चंडीगढ़ पुलिस ने साफ कर दी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया ड्रग नहीं है, बल्कि यह हेरोइन के नशे का प्रभाव था। वायरल वीडियो की जांच में सामने आया कि वीडियो में दिख रहा युवक चंडीगढ़ के धनास का रहने वाला है और जोमैटो में डिलीवरी का काम करता है। वह मोहाली की तरफ एक ऑर्डर की डिलीवरी करने गया था, जहां उसने हेरोइन का सेवन किया। वापस लौटते समय नशे के प्रभाव के कारण वह रास्ते में सुन्न खड़ा हो गया था। पुलिस ने साफ किया कि चंडीगढ़ या आसपास ऐसे किसी नए 'जॉम्बी ड्रग' की पुष्टि नहीं हुई है। ड्रग तस्करों और शहर के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर पुलिस की लगातार नजर है।

