चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल की बड़ी कार्रवाई; लकी पटियाल गैंग के दो गुर्गे गिरफ्तार, क्लब मालिकों से रंगदारी वसूलने की थी साजिश
कब्जे से दो देसी कट्टे और तीन जिंदा कारतूस बरामद, प्रॉपर्टी डीलर चिन्नी मर्डर केस में भी लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का खुलासा
Chandigarh News : चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने कुख्यात लकी पटियाल गैंग के दो सक्रिय गुर्गों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंचकूला के बरवाला स्थित गांव बतौड़ निवासी दीपक कुमार उर्फ दीपू (26) और मोहाली के गांव तरसंबली निवासी साहिल (30) के रूप में हुई है। दोनों पेशे से टैक्सी ड्राइवर हैं और ट्राईसिटी में क्लब मालिकों व व्यापारियों से रंगदारी वसूलने का काम करते थे।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, एसपी ऑपरेशंस गीतांजलि खंडेलवाल और डीएसपी विकास श्योकंद के दिशा-निर्देशों पर काम करते हुए इंस्पेक्टर जसपाल सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 7 अप्रैल को दोनों को काबू किया। जांच के दौरान दीपक के पास से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस, जबकि साहिल के पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। इनके खिलाफ सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
चिन्नी मर्डर केस से जुड़े हैं तार
पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी प्रापर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड में भी शामिल रहे हैं। इन्होंने मुख्य शूटरों राजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम शाह को राहुल शर्मा और मुकुल राणा की मिलीभगत से लॉजिस्टिक, आर्थिक और ठहरने की सुविधा मुहैया कराई थी।
क्लब मालिकों को धमकाने आए थे चंडीगढ़
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये दोनों गैंग लीडर मुकुल राणा और लकी पटियाल के इशारे पर काम कर रहे थे। गिरफ्तारी वाले दिन भी ये चंडीगढ़ के स्थानीय क्लब मालिकों को डराने-धमकाने और उनसे जबरन वसूली (रंगदारी) करने के इरादे से ही शहर में दाखिल हुए थे। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, दीपक कुमार पर पहले से ही साल 2020 में मोहाली के कुराली थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है और वह नशे का आदी है। पुलिस दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।

