चंडीगढ़ पुलिस का 'मिशन क्लीन', तरनतारन का तस्कर 259 ग्राम हेरोइन के साथ दबोचा
सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे 'सफेद जहर' की खेप पहुंचाने की थी फिराक, मुस्तैद पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
नशे के सौदागरों के लिए चंडीगढ़ पुलिस काल बनकर टूट रही है। एसएसपी कंवरदीप कौर के 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश पर कार्रवाई करते हुए थाना-36 की पुलिस ने पंजाब के एक बड़े तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अर्शदीप सिंह (25) तरनतारन के चबल गांव का रहने वाला है, जिसके पास से 258.92 ग्राम हेरोइन (व्यावसायिक मात्रा) बरामद हुई है। यह सफलता एसडीपीओ धीरज कुमार और इंस्पेक्टर जय प्रकाश सिंह की टीम के सटीक जाल का परिणाम है।
फ्लावर मार्केट के पास 'जाल' और तस्कर का सरेंडर
पुलिस को पक्की मुखबिरी मिली थी कि तरनतारन का यह युवक नशे की एक बड़ी खेप लेकर शहर में दाखिल हुआ है। वह सेक्टर-43 बस स्टैंड और वर्कशॉप के पिछले सूनसान इलाके में इस 'मौत के सामान' की डिलीवरी देने वाला था। पुलिस ने सेक्टर-35ए स्थित फ्लावर मार्केट के पास नाकाबंदी की। जैसे ही आरोपी ने खाकी वर्दी देखी, उसके हाथ-पांव फूल गए और उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
2300 रुपये का 'रेट कार्ड' और कमीशन का जाल
पूछताछ में अर्शदीप ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। वह कोई छोटा-मोटा नशाखोर नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा निकला।
दोस्त से मिलता था माल: वह तरनतारन के पट्टी इलाके में रहने वाले अपने एक खास दोस्त से हेरोइन लेकर चंडीगढ़ आता था।
महंगा सौदा: आरोपी 2300 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से हेरोइन बेचता था।
कमीशन का लालच: आरोपी खुद दिहाड़ी मजदूरी करता है, लेकिन जल्द अमीर बनने के चक्कर में वह कमीशन एजेंट बन गया। नशा बेचकर मिलने वाली मोटी रकम वह अपने आका को सौंपता था और अपना हिस्सा काट लेता था।
रिमांड पर आरोपी, अब सप्लायरों की खैर नहीं
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब चंडीगढ़ पुलिस की टीमें तरनतारन और अमृतसर के उन इलाकों में छापेमारी कर रही हैं, जहां इस तस्करी के तार जुड़े हैं। जांच टीम का मानना है कि इस गिरफ्तारी से नशे की एक बड़ी सप्लाई चेन ध्वस्त होगी और जल्द ही पंजाब के मुख्य सप्लायर भी सलाखों के पीछे होंगे।

