Chandigarh Police Traffic Management : चंडीगढ में पुलिसिंग होगी हाईटेक: सडकों पर जाम से मिलेगी निजात, ड्यूटी कैमरों की औचक जांच से तय होगी जवाबदेही
चंडीगढ पुलिस की कार्यप्रणाली पर मुख्य सचिव की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
Chandigarh Police Traffic Management : शहर की सडकों पर अब ट्रैफिक जाम की समस्या से जल्द निजात मिलेगी और पुलिस की कार्यप्रणाली भी पहले से कहीं अधिक हाईटेक और पारदर्शी होगी। मंगलवार को चंडीगढ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में पुलिस विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कई स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में गृह सचिव मनदीप सिंह बराड और डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का मुख्य फोकस स्मार्ट पुलिसिंग और आम जनता को बेहतर सुविधाएं देने पर है।
बॉडी कैमरों से तय होगी पुलिस की जवाबदेही
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि चंडीगढ दो राज्यों की राजधानी होने के साथ-साथ ट्राई सिटी का प्रमुख केंद्र है। यहां सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। पुलिस की कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए अब फील्ड में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की फुटेज की नियमित और औचक जांच की जाएगी। इसके लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया भी लागू की जा रही है, जिससे पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय होगी और जनता के प्रति उनके व्यवहार में सुधार आएगा।
जाम से राहत देंगे स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल
शहर में वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल को वाहनों के दबाव के अनुसार डायनामिक बनाया जाए। इसका अर्थ है कि जिस ओर ट्रैफिक अधिक होगा, वहां का सिग्नल स्वचालित रूप से काम करेगा। इसके अलावा शहर के सभी लाइट पॉइंट्स को स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम में बदला जाएगा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से चालान का जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाएगी।
ट्राई सिटी की सीमाओं पर पैनी नजर
अपराधियों की धरपकड और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोहाली, पंचकूला और न्यू चंडीगढ मुल्लांपुर से सटी ट्राई सिटी की सीमाओं पर नाका चेकिंग सघन की जाएगी। शहर में साइबर क्राइम के मामलों में सजा दिलाने की दर में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ ही जनता के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पुलिस बल में रिक्त पदों को भरने और अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है। कारागार एवं सुधार प्रशासन विभाग की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिसमें मॉडल जेल के निर्माण कार्य और डेयरी फार्म स्थापित करने के प्रस्ताव शामिल हैं।
