चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान, 20 दिन में 163 FIR, 698 गिरफ्तार
हॉटस्पॉट और नशा तस्करों की पहचान के बाद कार्रवाई तेज; 3.86 किलो हेरोइन बरामद, अक्टूबर में स्कूल-कॉलेजों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
नशे के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत 11 से 30 सितंबर तक 20 दिनों में पुलिस ने 163 एफआईआर दर्ज कर 698 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया है। चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान के दौरान की गई कार्रवाई और आगे की रणनीति की जानकारी दी।
पुलिस ने नशे के हॉटस्पॉट और नशा तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। अभियान के दौरान लोगों से नशे से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि नशे के नेटवर्क की पहचान कर उसकी सप्लाई पर रोक लगाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
3.86 किलो हेरोइन बरामद
अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 3.86 किलो हेरोइन बरामद की है। इसके अलावा आइस और कोकीन समेत अन्य नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार चंडीगढ़ में पहुंचने वाले नशीले पदार्थों की सप्लाई बाहर से होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पुलिस अब सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े लोगों तक पहुंचने पर फोकस कर रही है।
नशे के आदी लोगों पर भी फोकस
डीजीपी ने कहा कि अभियान का फोकस केवल नशा तस्करों तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस नशे का सेवन करने वाले लोगों और नशे के आदी लोगों के साथ भी काम करेगी। नशे की लत से जूझ रहे लोगों को जरूरत के अनुसार पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
अक्टूबर में भी जारी रहेगा अभियान
चंडीगढ़ पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान अक्टूबर में भी पूरे महीने जारी रहेगा। 2 से 10 अक्टूबर के बीच शहर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान के तहत सार्वजनिक बैठकों के जरिए भी लोगों को जोड़ा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है और नशे से संबंधित किसी भी सूचना को हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस तक पहुंचाया जा सकता है।
नशे के नेटवर्क पर रोकने की तैयारी
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में कार्रवाई का मुख्य फोकस नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने पर रहेगा। अभियान के तहत चिन्हित हॉटस्पॉट और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

