राजस्थान-चंडीगढ़ के बीच अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने राजस्थान और चंडीगढ़ के बीच चल रहे अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर छह अवैध हथियार,...
चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने राजस्थान और चंडीगढ़ के बीच चल रहे अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर छह अवैध हथियार, 21 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की हैं। जांच के दौरान अवैध हथियारों की खरीद से जुड़े करीब दो लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन का भी पता चला है।
चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल के अनुसार, यह नेटवर्क अवैध हथियारों की खरीद, परिवहन, भुगतान और स्थानीय स्तर पर सप्लाई में शामिल था। पुलिस अब हथियारों के स्रोत, सप्लायर, खरीदार और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
ऑनलाइन लेन-देन से मिला नेटवर्क का सुराग
पुलिस को सूचना मिली थी कि राजस्थान से संचालित एक गिरोह ऑनलाइन पैसे के लेन-देन के बाद चंडीगढ़ में अपराधियों को अवैध हथियार पहुंचा रहा है। जांच के दौरान राजस्थान निवासी गुरचरण सिंह उर्फ जीसी को पकड़ा गया। उसके बैंक खातों की जांच में करीब दो लाख रुपये का लेन-देन सामने आया, जो कथित तौर पर हथियारों के कारोबार से जुड़ा था। पूछताछ और वित्तीय सुरागों से पुलिस को राजस्थान-चंडीगढ़ अवैध हथियार नेटवर्क की जानकारी मिली।
भरतपुर से नेटवर्क की दूसरी कड़ी पकड़ी
जांच में मिले सुरागों के आधार पर 10 अगस्त को ऑपरेशन सेल की टीम ने राजस्थान के भरतपुर में कार्रवाई की। वहां नेटवर्क के एक अन्य आरोपी पुष्पेंद्र उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उसकी निशानदेही पर एक देशी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और एक मैगजीन बरामद हुई। गुरचरण सिंह की निशानदेही पर भी एक देशी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और एक मैगजीन बरामद की गई।
चंडीगढ़ से भी आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने चंडीगढ़ के धनास निवासी सर्वन उर्फ सोली को भी गिरफ्तार किया। 10 अगस्त को हुई कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
इसके बाद 12 अगस्त को राजस्थान के कोटा जिले के उमेदगंज निवासी लोकेश मीणा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि लोकेश मीणा और गुरचरण सिंह मध्य प्रदेश से अवैध हथियार मंगाते थे और उन्हें चंडीगढ़ लाकर आगे सप्लाई करते थे। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में करीब 10 से 12 अवैध हथियार चंडीगढ़ पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है।
कुल छह हथियार और 21 कारतूस बरामद
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ छह अवैध आग्नेयास्त्र, 21 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की गई हैं। पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद से जुड़े करीब दो लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन का भी पता लगाया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच का उद्देश्य नेटवर्क के हथियारों के स्रोत और उनके खरीदारों तक पहुंचना है। साथ ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

