काठमांडू में चंडीगढ़ पुलिस के जवान सचिन कुमार का अंतरराष्ट्रीय सम्मान, 28 देशों के 178 एवरेस्ट विजेताओं के बीच हुए सम्मानित
Mountaineer: नेपाल में आयोजित प्रतिष्ठित पर्वतारोहण सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में मिला सम्मान; माउंट एवरेस्ट और माउंट ल्होत्से फतह कर चुके हैं सचिन कुमार
Mountaineer: चंडीगढ़ पुलिस के जवान एवं अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही सचिन कुमार ने एक बार फिर देश, चंडीगढ़ पुलिस और अपने परिवार का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित प्रतिष्ठित पर्वतारोहण सम्मेलन 2026 में उन्हें 28 देशों के 178 एवरेस्ट विजेताओं के बीच विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल, संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल, विभिन्न देशों के एंबेसी हेड्स, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि तथा विश्वविख्यात पर्वतारोही उपस्थित रहे। सम्मेलन में पर्वतारोहण सुरक्षा, हिमालय संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, पर्वतीय पर्यटन और बचाव अभियानों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन के दौरान सचिन कुमार को मेडल और सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद सचिन कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि पूरे भारत, चंडीगढ़ पुलिस, उनके परिवार, गुरुजनों और शुभचिंतकों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि जब भी वह किसी पर्वत शिखर पर पहुंचते हैं तो सबसे पहले भारत के तिरंगे को नमन करते हैं और गर्व के साथ उसे वहां फहराते हैं।
गौरतलब है कि सचिन कुमार विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट और विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी ल्होत्से को एक ही अभियान के दौरान सफलतापूर्वक फतह कर चुके हैं। वह चंडीगढ़ क्षेत्र और पंजाब के पहले पर्वतारोही हैं जिन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
सचिन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों और उन सभी लोगों को दिया जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विशेष रूप से चंडीगढ़ पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग के सहयोग, विश्वास और प्रोत्साहन के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था।
सम्मेलन के सफल आयोजन में अध्यक्ष मुकुंद प्रसाद निरौला, सुदर्शन नेपाल और उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह सम्मान न केवल सचिन कुमार के लिए, बल्कि भारतीय पर्वतारोहण जगत और चंडीगढ़ पुलिस के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।

