Chandigarh Police : चंडीगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा; कोस्ट गार्ड ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार
ऑनलाइन सरकारी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में संगठित गिरोह की जांच तेज
Chandigarh Police : ऑनलाइन सरकारी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, यूटी चंडीगढ़ ने अहम सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला कोस्ट गार्ड परीक्षा सहित अन्य ऑनलाइन परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़ा है।
यह केस एफआईआर नंबर 56, दिनांक 29 मार्च 2022, थाना सेक्टर-34, चंडीगढ़ में दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 120-बी तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 43 (डी)(जी)(एच)(आई)(जे), 65 और 66 के तहत मामला दर्ज है।
कार्रवाई एसपी साइबर, यूटी चंडीगढ़ गीतांजलि खंडेलवाल के नेतृत्व में, डीएसपी साइबर क्राइम एंड आईटी ए. वेंकटेश के मार्गदर्शन तथा इंस्पेक्टर एरम रिजवी, एसएचओ साइबर क्राइम थाना सेक्टर-17 की निगरानी में की गई।
शिकायत से खुलासा तक
मामला ब्रिटिश स्कूल के प्रशासन प्रमुख की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें कोस्ट गार्ड परीक्षा के दौरान अनियमितताओं की आशंका जताई गई थी। परीक्षा संचालन का कार्य सेक्टर-34/ए स्थित एम/एस स्टेलर एज सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज को आउटसोर्स किया गया था।
जांच के दौरान परीक्षा केंद्र और संबंधित एजेंसी से दस्तावेज एकत्र किए गए। तकनीकी जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) की पड़ताल से संगठित तरीके से की जा रही गड़बड़ी के संकेत मिले।
कौन हैं आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
पवन कुमार, निवासी जिला कैथल, हरियाणा (आयु 39 वर्ष)
पवन, निवासी जिला कैथल, हरियाणा
जांच में सामने आया कि एक आरोपी ने परीक्षा आयोजित करने के लिए परिसर अनुबंध पर लिया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अन्य साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन परीक्षाओं में अनियमित तरीके अपनाने में शामिल थे। आरोप है कि अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर कंप्यूटर लैब के माध्यम से अनुचित सहायता उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच में अन्य सहयोगियों की संलिप्तता के संकेत भी मिले हैं और उनकी तलाश जारी है।
युवाओं के लिए चेतावनी
चंडीगढ़ पुलिस ने अभ्यर्थियों को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा चयन की गारंटी देना अवैध है। व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर “फिक्स सीट”, “पेपर लीक” या “एग्जाम सेटिंग” जैसे संदेश धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधि का हिस्सा हैं। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम थाना को दें।

