Chandigarh PGI : पीजीआई का त्वचा रोग विभाग लगातार तीसरे साल एशिया में नंबर वन, दुनिया में 18वां स्थान
हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे संस्थानों की लीग में शामिल हुआ चंडीगढ़ का संस्थान
Chandigarh PGI : पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) ने चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। पीजीआई के त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी और लेप्रोलॉजी) विभाग ने एडुरैंक 2026 की रैंकिंग में एशिया में पहला और वैश्विक स्तर पर 18वां स्थान हासिल किया है। यह लगातार तीसरा साल (2024, 2025 और 2026) है जब विभाग ने एशिया में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। पिछले साल वैश्विक रैंकिंग में संस्थान 19वें पायदान पर था, जिसमें इस बार सुधार हुआ है।
मरीजों की भारी भीड़ के बावजूद रिसर्च में उत्कृष्ट प्रदर्शन
पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह रैंकिंग अकादमिक उत्कृष्टता, रिसर्च इनोवेशन और मरीजों की देखभाल के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का परिणाम है। विभाग के प्रमुख प्रो. संजीव हांडा ने बताया कि रोजाना औसतन 450 मरीजों की ओपीडी के बावजूद टीम ने क्लिनिकल केयर के साथ-साथ बेहतरीन रिसर्च की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय डॉ. दविंदर प्रसाद, डॉ. सुनील डोगरा, डॉ. दीपांकर डे, डॉ. सेंथिल कुमारन, डॉ. तरुण नारंग, डॉ. राहुल महाजन, डॉ. विनय केशवमूर्ति, डॉ. विनोद शर्मा और सीनियर रेजिडेंट्स की टीम को दिया।
दुनिया के टॉप संस्थानों के साथ खड़ी है पीजीआई
एडुरैंक की यह रिपोर्ट एशिया के 806 विश्वविद्यालयों के 3 लाख 29 हजार से अधिक पब्लिकेशन और 52.6 लाख साइटेशन के विश्लेषण पर आधारित है। वैश्विक स्तर पर पीजीआई से ऊपर जो संस्थान हैं, उनमें हार्वर्ड, जॉन्स हॉपकिन्स, मेयो क्लिनिक और स्टैनफोर्ड जैसे अमेरिका के 14 प्रमुख संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और बर्लिन का चैरिटे संस्थान भी इस एलीट सूची में है।

