Chandigarh News : पीजीआई अनुबंध कर्मियों का हल्ला बोल: ठेकेदारों के पुतले फूंके, 25 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान
लंबित मांगों और करोड़ों रुपये के एरियर के भुगतान न होने से गुस्साए विभिन्न श्रेणियों के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स
Chandigarh News : पीजीआई चंडीगढ़ के इतिहास में चल रहा सबसे लंबा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अपनी लंबित मांगों और करोड़ों रुपये के एरियर के भुगतान न होने से गुस्साए विभिन्न श्रेणियों के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ने शनिवार को पीजीआई रेजिडेंशियल कैंपस से सेक्टर 25 रैली ग्राउंड तक विशाल पैदल मार्च निकाला। शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने निजी ठेका कंपनियों—BVG, ग्रैविटी, क्रिस्टल, सिक्योर गार्ड और साइक्लोप्स के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रैली ग्राउंड में उनके पुतले जलाए।
करोड़ों का एरियर और वेतन विसंगति बनी फांस
ज्वाइंट एक्शन कमेटी (JAC) के चेयरमैन अश्वनी कुमार मुंजाल ने बताया कि पीजीआई प्रशासन और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण गरीब कर्मचारी अपने हक के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
मुख्य विवादित बिंदु:
पेंडिंग एरियर: केंद्र सरकार द्वारा मंजूर किए जाने के बावजूद हॉस्पिटल अटेंडेंट के 16-20 करोड़ और संगरूर-ऊना यूनिट्स के 3.25 करोड़ के एरियर में बेवजह देरी की जा रही है।
वेतन में भेदभाव: संगरूर में तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को केवल 10,108 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि उसी टेंडर के तहत चंडीगढ़ में तैनात कर्मियों को 28,000 रुपये मिल रहे हैं।
अवैध कटौती: आरोप है कि सफाई कर्मचारियों के 46 करोड़ के एरियर में से 9 करोड़ रुपये (20%) मनमाने ढंग से रोक लिए गए हैं।
149 दिनों से जारी है संघर्ष
पीजीआई की स्थापना के बाद 63 सालों में यह पहला मौका है जब कोई विरोध प्रदर्शन लगातार 149 दिनों से चल रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन ने 12 अगस्त 2025 को लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक बजट अप्रूवल के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को फाइल नहीं भेजी गई। इसके अलावा पार्किंग अटेंडेंट को डीसी रेट न देना और सुरक्षा गार्डों की छंटनी ने आग में घी डालने का काम किया है।
आंदोलन की अगली रणनीति: 27 को पूर्ण हड़ताल
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने आज हुई बैठक में दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 24 अप्रैल तक 65-70 करोड़ रुपये के एरियर का बजट अप्रूवल केंद्र को नहीं भेजा गया, तो आंदोलन उग्र होगा।
आगामी कार्यक्रम:
25 अप्रैल: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का प्रारंभ।
27 अप्रैल: सुबह 6 बजे से एक दिन की पूर्ण हड़ताल।
जेएसी को उम्मीद है कि प्रशासन बातचीत के जरिए रास्ता निकालेगा, अन्यथा स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ना तय है।

