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Chandigarh News : शिक्षा विभाग की सख्ती; निजी स्कूलों को अब वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी किताबों और वर्दी की सूची

अभिभावकों के शोषण को रोकने के लिए डीईओ ने जारी किए सख्त आदेश, वेंडर फिक्सिंग करने पर होगी कार्रवाई

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Chandigarh News : चंडीगढ़ के निजी स्कूलों द्वारा किताबों और वर्दी के नाम पर अभिभावकों से की जाने वाली मनमानी पर शिक्षा विभाग ने नकेल कस दी है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी निजी अनएडेड मान्यता प्राप्त स्कूलों को आदेश दिया है कि वे अपनी पाठ्यपुस्तकों और वर्दी की सूची को अनिवार्य रूप से सार्वजनिक करें। यह कदम स्कूलों द्वारा किए जाने वाले व्यवसायीकरण और अभिभावकों के उत्पीड़न को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

3 दिन के भीतर वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी सूची

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नए निर्देशों के मुताबिक, स्कूलों को पत्र जारी होने के तीन दिनों के भीतर अपनी आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर कक्षावार किताबों की पूरी सूची (टाइटल, लेखक और प्रकाशक के नाम सहित) और वर्दी का विवरण अपलोड करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वेबसाइट ही नहीं, बल्कि स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी यह सूची प्रमुखता से चस्पा होनी चाहिए ताकि हर अभिभावक इसे आसानी से देख सके। प्रशासन का मानना है कि पारदर्शिता की कमी के कारण ही अक्सर अभिभावकों को असमंजस की स्थिति में रहना पड़ता है, जिसका फायदा कुछ स्कूल उठाते हैं।

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वेंडर फिक्सिंग और कमीशनखोरी पर कड़ा प्रहार

अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि स्कूल किसी खास दुकान या वेंडर से ही सामान खरीदने के लिए दबाव बनाते हैं। इसे रोकने के लिए डीईओ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी स्कूल, मौखिक या लिखित रूप में, अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या वर्दी खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा निर्धारित किताबें और वर्दी शहर के कई वेंडरों के पास उपलब्ध हों। इससे बाजार में कृत्रिम कमी (Artificial Shortage) और दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी और अभिभावकों के पास अपनी पसंद के वेंडर से सामान खरीदने की आजादी होगी।

स्कूल परिसर में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

प्रशासन ने स्कूलों को 'व्यापारिक केंद्र' बनने से रोकने के लिए परिसर के भीतर किताबें, स्टेशनरी या वर्दी बेचने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। निर्देशानुसार, कोई भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को परिसर के अंदर से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्कूल के खिलाफ जबरन खरीदारी या सूचियों के प्रकाशन में देरी की शिकायत मिलती है, तो उस पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

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